यूपी रेरा की प्रमोटर्स को सख्त चेतावनी: 31 अक्टूबर तक हर हाल में जमा करें QPR, डिजिटल हस्ताक्षर न होने पर होगी कार्रवाई
यूपी-रेरा ने सभी प्रमोटर्स को 31 अक्टूबर तक त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया है। नई डिजिटल हस्ताक्षर व्यवस्था न अपनाने पर कार्रवाई होगी।
उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने राज्य के सभी रियल एस्टेट प्रमोटर्स और बिल्डर्स को त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट यानी क्यूपीआर तय समयसीमा में जमा करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। पिछली तिमाही की प्रगति का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए 31 अक्टूबर की अंतिम समयसीमा निर्धारित की गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रमोटर्स को न केवल समय पर विवरण दर्ज करना होगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से नई डिजिटल हस्ताक्षर आधारित व्यवस्था के जरिए ही पूरा करना होगा। तय सीमा में रिपोर्ट दाखिल न करने वाले प्रमोटर्स के खिलाफ विनियामक अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
प्राधिकरण पहले भी इस रिपोर्ट को जमा करने के लिए समयसीमा में छूट दे चुका है, लिहाजा अब दी गई तिथि के बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत मिलने की संभावना नहीं है। नियामकीय व्यवस्था के तहत केवल कागजी खानापूरी या सामान्य प्रारूप में रिपोर्ट देना मान्य नहीं होगा। संशोधित नियमों के अनुसार, परियोजना से जुड़े पेशेवरों के डिजिटल हस्ताक्षर युक्त वैध प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत आर्किटेक्ट का आरईजी-1, इंजीनियर का आरईजी-2 और चार्टर्ड अकाउंटेंट का आरईजी-3 प्रमाणपत्र डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र यानी डीएससी के माध्यम से प्रमाणित होना चाहिए। प्रमोटर्स को इन तीनों तकनीकी विशेषज्ञों से समय रहते समन्वय बनाकर पोर्टल पर डिजिटल रूप से सत्यापित दस्तावेज अपलोड कराने होंगे। पुरानी प्रक्रिया के स्थान पर अब केवल डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाणपत्र ही स्वीकार किए जा रहे हैं।
नियामक संस्था ने बिल्डर्स को अंतिम समय का इंतजार न करने की सलाह दी है। अंतिम क्षणों में तकनीकी खामी या डिजिटल हस्ताक्षर की सत्यापन प्रक्रिया में देरी होने पर समयसीमा छूटने का जोखिम बना रहता है। पोर्टल पर इस नई तकनीकी व्यवस्था से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश पहले से उपलब्ध कराए गए हैं।
समय पर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करना परियोजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है। जो भी प्रमोटर 31 अक्टूबर तक अपनी तिमाही रिपोर्ट और संबंधित डिजिटल प्रमाणपत्र जमा करने में विफल रहेंगे, उनके विरुद्ध प्राधिकरण विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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