घर खरीदारों को जागरूक बनाने के लिए यूपी रेरा की बड़ी पहल: मेरठ में कार्यशाला आयोजित, सुरक्षित निवेश के बताए टिप्स

यूपी रेरा ने मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में घर खरीदारों के लिए जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। जानें सुरक्षित रियल एस्टेट निवेश के नियम।

Jul 23, 2026 - 23:15
 0  2
घर खरीदारों को जागरूक बनाने के लिए यूपी रेरा की बड़ी पहल: मेरठ में कार्यशाला आयोजित, सुरक्षित निवेश के बताए टिप्स

उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ने संपत्ति की खरीद में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। इस सिलसिले में मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में घर खरीदारों के लिए एक विशेष संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को रियल एस्टेट में सुरक्षित निवेश के तरीके समझाना और कानून द्वारा दिए गए अधिकारों की जानकारी देना था। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण केवल कानूनी विवाद निपटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक करना भी उसकी पहली प्राथमिकता है। जब कोई खरीदार सभी नियम-कानूनों को समझकर कदम उठाता है तो उसकी जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। उन्होंने किसी भी आवासीय या व्यावसायिक योजना में पैसा लगाने से पहले रेरा के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल पर जाकर परियोजना के पंजीकरण और अन्य जरूरी विवरणों की अच्छी तरह जांच करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी स्तर पर बिल्डर या प्रमोटर वादाखिलाफी करे तो बिना समय गंवाए सीधे प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

कार्यशाला के दौरान प्रमुख सलाहकार अबरार अहमद ने तकनीकी प्रस्तुति के जरिए लोगों को बताया कि नया मकान या प्लॉट खरीदने से पहले कौन-कौन से दस्तावेज देखने बेहद जरूरी हैं। इनमें परियोजना का रेरा नंबर, उसकी समय सीमा, स्वीकृत नक्शा, जमीन का मालिकाना हक, बैंक खाता और प्रमोटर का पुराना रिकॉर्ड शामिल है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि विज्ञापनों में किए गए लोकलुभावन दावों के झांसे में आने से बचें। इसके अलावा आवंटन पत्र, एग्रीमेंट फॉर सेल और भुगतान की रसीदों जैसे महत्वपूर्ण कागजातों को संभालकर रखने की बात कही गई ताकि जरूरत पड़ने पर कानूनी साक्ष्य के रूप में इनका उपयोग किया जा सके।

इस दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि समझौते का पालन न होने, काम में अत्यधिक देरी होने, भ्रामक प्रचार करने या बिना कारण आवंटन रद्द किए जाने की स्थिति में रेरा के पोर्टल पर फॉर्म-एम और फॉर्म-एन के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सरल व्यवस्था उपलब्ध है। इस संवाद सत्र में मेरठ के जिलाधिकारी विजय कुमार सिंह और मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश के अन्य मंडलों में भी इस तरह के जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

Also Click : UP Sarvodaya Vidyalaya: देश के टॉप बोर्डिंग स्कूलों की तर्ज पर संवरेंगे 112 सर्वोदय विद्यालय, समाज कल्याण विभाग और BSAI में समझौता

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow