UP Chakbandi News: यूपी के 11 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त, नामांतरण के लिए चलेगा विशेष अभियान
यूपी के 11 गांवों में सालों से पेंडिंग चकबंदी प्रक्रिया समाप्त। चकबंदी आयुक्त ने निर्विवाद उत्तराधिकार व नामांतरण के लिए विशेष अभियान के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ दिलाने और भूमि विवादों को खत्म करने के उद्देश्य से चकबंदी प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजस्व विभाग ने वर्षों से लंबित चकबंदी मामलों का तेजी से निपटारा शुरू कर दिया है। इसी क्रम में प्रदेश के 8 जिलों के 11 गांवों में लंबे समय से अटकी चकबंदी प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए समाप्त कर दिया गया है, जिससे स्थानीय किसानों को राहत मिली है।
चकबंदी आयुक्त ऋषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि औद्योगिक विकास क्षेत्र में आने, नदी के कटान, गुटबाजी, या फिर 40 प्रतिशत से कम योग्य भूमि होने के कारण जिन गांवों में कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा था, उन्हें जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6 (1) के तहत प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। इनमें उन्नाव के अजगवां, पिडना व सादाबाद, बरेली का मगरासा, बुलंदशहर का बराल और बांदा का काजीपुर गांव शामिल है। वहीं दूसरी ओर, वर्षों से पेंडिंग पड़े महराजगंज के बैसार, बुलंदशहर के भीकमपुर, चित्रकूट के सिकरी सालिस, बस्ती के औराडीहा और प्रतापगढ़ के देवलहा में प्रक्रिया पूरी कर धारा-52 (1) के तहत चकबंदी का कार्य समाप्त घोषित किया गया।
राजस्व विभाग ने निर्विवाद उत्तराधिकार और नामांतरण (दाखिल-खारिज) के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी बंदोबस्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित करें। इसके साथ ही 3 साल से अधिक पुराने मुकदमों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय में निपटाने के सख्त आदेश दिए गए हैं, ताकि किसानों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
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