यूपी में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रोपे जाएंगे 35 करोड़ पौधे, मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने दिए इलेक्शन मोड में तैयारी के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। सूबे में 35 करोड़ पौधों के रोपण और जीरो पॉवर्टी अभियान को लेकर निर्देश दिए।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अगुवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ एक बड़ी समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस साप्ताहिक बैठक में सूबे में बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले वृक्षारोपण महायज्ञ, जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान और विभिन्न सरकारी महकमों के कार्यों की प्रगति की गहराई से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी अभियान के तहत पूरे राज्य में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधों का रोपण किया जाना है। इस बार के पर्यावरण संरक्षण अभियान की मुख्य थीम ‘एक पेड़ मां के नाम’ रखी गई है। उन्होंने जोर दिया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी तरह मुस्तैद रहकर इलेक्शन मोड में समय से पूरी की जाएं। नर्सरी से पौधों को लाने का काम तय समय में पूरा हो ताकि मुख्य दिन पर कोई अव्यवस्था न हो।
मुख्य सचिव ने इस हरियाली मुहिम को एक बड़े जनआंदोलन में बदलने की बात कही, जिसके लिए गांवों और शहरों में सांस्कृतिक उत्सवों, नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों और संगोष्ठियों के जरिए लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इन सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आवश्यक रूप से आमंत्रित करने को कहा गया है। इसके अलावा स्कूलों के छात्र-छात्राओं को इस मुहिम का मुख्य हिस्सा बनाया जाएगा। तकनीक के बेहतर उपयोग के लिए रोपे गए सभी पौधों की स्थान सहित जियो-टैगिंग की जाएगी। साथ ही, सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और बोर्डों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के लिए कम से कम एक पौधा लगाना और उसकी देखभाल करना अनिवार्य किया गया है। जिला स्तर की समितियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर उनकी सुरक्षा, घेराबंदी और नियमित सिंचाई की पक्की व्यवस्था करें ताकि पौधे सुरक्षित रह सकें।
गरीबी उन्मूलन और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान की प्रगति को देखते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अभी भी कई पात्र किसानों को जोड़ना बाकी है। ऐसे सभी बचे हुए किसानों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तेल कंपनियों के प्रबंधकों के साथ समन्वय बनाकर गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिलाएं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षण दिलाकर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी जैसी रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाए।
प्रशासनिक समीक्षा में यह बात सामने आई कि इस कल्याणकारी अभियान के शुरुआती दौर में राशन कार्ड योजना में 97 प्रतिशत, निराश्रित महिला पेंशन में 98 प्रतिशत, श्रम कार्ड में 95 प्रतिशत, स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा में 92 प्रतिशत, दिव्यांग पेंशन में 86 प्रतिशत और वृद्धावस्था पेंशन में 83 प्रतिशत पात्र परिवारों को सरकारी सहायता मिल चुकी है। इसके अलावा ग्रामीण विकास से जुड़े दूसरे चरण में शौचालय निर्माण, महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन और स्कूलों में बच्चों के दाखिले का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। योजनाओं के सबसे तेज और बेहतर क्रियान्वयन के मामले में हाथरस, गाजियाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, बदायूं, अमरोहा, महराजगंज, मेरठ, बागपत और गोरखपुर राज्य के शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में उभरे हैं।
चारागाहों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का आदेश
पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने वीबी-जी-राम-जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में चारागाह और गोचर भूमि का तेजी से विकास करने को कहा। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि पर उन्नत किस्म के हरे चारे का उत्पादन करके ग्राम पंचायतें अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं, जिससे राज्य में दूध के उत्पादन में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी। इसके लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में एक विशेष अभियान चलाकर दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई गोचर और चारागाह की जमीनों को तुरंत खाली कराने के सख्त निर्देश दिए। इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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