यूपी में हरित क्रांति की तैयारी: उच्च शिक्षा विभाग लगाएगा 20 लाख पौधे, कॉलेजों में पेड़ों से बनेगी बाउंड्री
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने तैयारियों की समीक्षा की।
उत्तर प्रदेश में पर्यावरण सुधार के लिए उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी पहल, 50 लाख छात्रों की मदद से रोपे जाएंगे 20 लाख पौधे
उत्तर प्रदेश को पूरी तरह हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य का उच्च शिक्षा विभाग एक व्यापक अभियान शुरू करने जा रहा है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों पर आयोजित होने वाले इस विशेष अभियान के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य भर में 20 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने इस पर्यावरण सुधार कार्यक्रम को केवल एक कागजी या प्रशासनिक कवायद तक सीमित नहीं रखा है। इसे प्रकृति की रक्षा, जल संचयन और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य से जोड़कर एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इस अभियान में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि राज्य के वन क्षेत्र को बढ़ाया जा सके। यह कदम केवल दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने और पर्यावरण को पूरी तरह संतुलित करने की दिशा में एक बेहद ठोस प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज हम प्रकृति को सुरक्षित करके ही अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ वातावरण सौंप सकते हैं।
विभाग के आंकड़ों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के उच्च शिक्षा क्षेत्र के अंतर्गत करीब 50 लाख विद्यार्थी, 22 सरकारी विश्वविद्यालय, 56 निजी विश्वविद्यालय और लगभग 8000 कॉलेज संचालित हैं। यदि सभी छात्र और शिक्षक मिलकर इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग दें, तो यह एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। चूंकि अधिकांश शिक्षण संस्थानों के पास अपनी सुरक्षित जमीन और चारदीवारी मौजूद है, इसलिए वहां लगाए गए पौधों की सही तरीके से देखभाल और सुरक्षा करना काफी आसान होगा।
सभी कुलपतियों, कुलसचिवों और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे इस कार्य को पूरी गंभीरता के साथ पूरा करें। जिन कॉलेजों में अभी तक पक्की बाउंड्री नहीं बनी है, वहां परिसर की सीमाओं पर सघन रूप से पौधे लगाने को कहा गया है ताकि बड़े होने पर ये पेड़ ही हरी-भरी बाउंड्री का काम कर सकें। इसके साथ ही जहां पहले से दीवारें मौजूद हैं, वहां उनके सहारे पेड़ों की कतारें विकसित की जाएंगी।
सरकार ने इस अभियान को लोगों की भावनाओं से जोड़ते हुए 'एक पेड़ मां के नाम', 'गुरु के नाम' और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते से जोड़ा है, ताकि लोग भावनात्मक लगाव के कारण पौधों को सिर्फ लगाएं ही नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा भी करें। इस अभियान के तहत फल देने वाले, छायादार और औषधीय गुणों से भरपूर पौधों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पर्यावरण तो सुधरेगा ही, साथ ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और पौष्टिक फल भी मिल सकेंगे। इस बड़े अभियान की सफलता के लिए छात्रों, प्राध्यापकों और गैर-शिक्षण स्टाफ को पूरी मुस्तैदी से जुटने के लिए कहा गया है।
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