यूपी में गेहूं-चावल खरीद और भंडारण को लेकर समीक्षा बैठक, खाद्य मंत्री मनोज पाण्डेय ने दिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पाण्डेय ने खाद्यान्न भंडारण और खरीद प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने अतिरिक्त गोदामों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
खाद्यान्न खरीद और भंडारण व्यवस्था को लेकर लखनऊ में हाई लेवल मीटिंग, खाद्य मंत्री ने कहा- समस्या आने से पहले तैयार रखें अतिरिक्त गोदाम
उत्तर प्रदेश में गेहूं और चावल की खरीद के साथ-साथ उनके सुरक्षित रखरखाव व परिवहन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य एवं रसद विभाग तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पाण्डेय की अध्यक्षता में लखनऊ के बापू भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में खाद्यान्न के क्रय-विक्रय, ढुलाई और भंडारण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी नोडल एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव व आयुक्त रणवीर प्रसाद, भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक प्रशांत शर्मा, अपर आयुक्त प्रशासन कामता प्रसाद सिंह, पीसीएफ के प्रबंध निदेशक डॉक्टर चंद्रभूषण, पीसीयू के प्रबंध निदेशक आर.के. सिंह, विभागीय संभागीय खाद्य नियंत्रक अशोक कुमार पाल और एसडब्ल्यूसी के प्रबंध निदेशक आर.बी. गुप्ता सहित विभिन्न क्रय संस्थाओं के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान खाद्य मंत्री ने कड़े निर्देश दिए कि भविष्य में गेहूं और चावल की खरीद के समय भंडारण की कोई समस्या आड़े नहीं आनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले से ही पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने भारतीय खाद्य निगम और एसडब्ल्यूसी के अधिकारियों को योजना बनाकर अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने को कहा। इसके लिए किराए पर गोदाम लेने की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से एक व्यवस्थित कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि ऐन वक्त पर अनाज रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सामने आई भंडारण संबंधी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सभी जिम्मेदार विभाग आपस में मजबूत समन्वय स्थापित करें और समय रहते कारगर रणनीति बनाएं।
खाद्य एवं रसद मंत्री ने सहकारिता विभाग के क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के संबंध में भी जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर केवल संबंधित समितियों के मूल कर्मचारियों को ही अनाज खरीद के काम में लगाया जाए। यदि किसी केंद्र पर स्टाफ की कमी है, तो क्रय एजेंसियां खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही वहां कर्मचारियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। भारतीय खाद्य निगम से भी यह अपेक्षा की गई कि वह खाद्य विभाग और अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करे ताकि किसानों से अनाज खरीदने और उसे सुरक्षित रखने में आने वाली हर व्यावहारिक समस्या का समय पर समाधान किया जा सके। बैठक के अंत में भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक ने प्रदेश में गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक साइलो गोदामों के निर्माण की प्रगति और एसडब्ल्यूसी द्वारा नए गोदामों को किराए पर लेने व उनके निर्माण से जुड़ी योजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
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