यूपी में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा: मंत्री आशीष पटेल ने की चार नए राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की समीक्षा, शुरू होंगे आधुनिक कोर्स
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने मीरजापुर, प्रतापगढ़, बस्ती और गोंडा के नवनिर्मित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की समीक्षा बैठक की और निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
यूपी के चार जिलों में जल्द शुरू होंगे नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, मंत्री आशीष पटेल ने बुनियादी ढांचे और नए कोर्सेज की समीक्षा की
उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मीरजापुर, प्रतापगढ़, बस्ती और गोंडा जिलों में बने चार नए राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रशासनिक परिषद के साथ कामकाज की प्रगति जांची गई। बैठक के दौरान इन सभी नए संस्थानों में आगामी शैक्षणिक सत्र को समय पर शुरू करने और वहां जरूरी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर और आधुनिक तकनीकी शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य के साथ बस्ती में सरदार वल्लभ भाई पटेल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोंडा में मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रतापगढ़ में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और मीरजापुर में सम्राट अशोक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कराया गया है। इन चारों उच्च शिक्षण संस्थानों के पूरी तरह सक्रिय होने से पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के हजारों छात्र-छात्राओं को अपने ही क्षेत्र में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी और उन्हें घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि इन चारों नवनिर्मित कॉलेजों के बचे हुए निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने साफ किया कि कॉलेजों की इमारतें, प्रयोगशालाएं, कार्यशालाएं, पुस्तकालय और हॉस्टल जैसी सभी जरूरी सुविधाएं विश्वस्तरीय मानकों के अनुसार होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई का एक बेहतर और आधुनिक माहौल मिल सके।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की योजना युवाओं को नए जमाने के उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से कुशल बनाने की है। इसके लिए इन नए तकनीकी संस्थानों में पारंपरिक पढ़ाई के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और इंडस्ट्री 4.0 जैसे आधुनिक विषयों के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। युवाओं को बेहतर करियर देने के लिए स्थानीय उद्योगों और फैक्ट्रियों से तालमेल बिठाकर इंटर्नशिप और रोजगार की मजबूत व्यवस्था की जाएगी। सरकार का मुख्य मकसद तकनीकी पढ़ाई को केवल डिग्री देने तक सीमित न रखकर उसे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है, जिसके लिए हर कॉलेज में नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के केंद्र भी बनाए जाएंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, प्राविधिक शिक्षा निदेशक, चारों संबंधित जिलों के नोडल अधिकारी और प्रशासनिक परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।
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