Lucknow : जीसीसी हब बनाने के लिए इन्वेस्ट यूपी और टीमलीज में समझौता, कंपनियों को 90 दिन का मुफ्त वर्कफोर्स और एआई पैकेज

वर्तमान में वैश्विक कंपनियां बड़े मेट्रो शहरों से बाहर निकलकर नए इलाकों का रुख कर रही हैं, जहां रोजगार की वृद्धि दर करीब 40 से 45 प्रतिशत तक देखी जा रही है। ऐसे में यह समझौता कंपनियों के लिए शुरुआती टैलेंट ढूंढने और भर्ती प्रक्रिया में लगने वाले समय को काफी कम कर देगा।

Jun 26, 2026 - 00:31
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Lucknow : जीसीसी हब बनाने के लिए इन्वेस्ट यूपी और टीमलीज में समझौता, कंपनियों को 90 दिन का मुफ्त वर्कफोर्स और एआई पैकेज
Lucknow : जीसीसी हब बनाने के लिए इन्वेस्ट यूपी और टीमलीज में समझौता, कंपनियों को 90 दिन का मुफ्त वर्कफोर्स और एआई पैकेज

उत्तर प्रदेश में नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की स्थापना को गति देने और उनके लिए कुशल कार्यबल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी ने टीमलीज ग्रुप के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। बेंगलुरु में आयोजित “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग” के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद, टीमलीज सर्विसेज की एमडी एवं ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा और टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा ने इस समझौते पर सहमति जताई। यह कदम उत्तर प्रदेश को जीसीसी क्षेत्र में निवेश और टैलेंट उपलब्धता का एक बड़ा केंद्र बनाने में मददगार साबित होगा।

इस विशेष साझेदारी के तहत टीमलीज ग्रुप राज्य में आने वाले नए जीसीसी के लिए एक स्टार्टर पैकेज देगा, जिसमें शुरुआती सेटअप के लिए 90 दिनों तक मुफ्त वर्कफोर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) परामर्श की सुविधा शामिल है। वर्तमान में वैश्विक कंपनियां बड़े मेट्रो शहरों से बाहर निकलकर नए इलाकों का रुख कर रही हैं, जहां रोजगार की वृद्धि दर करीब 40 से 45 प्रतिशत तक देखी जा रही है। ऐसे में यह समझौता कंपनियों के लिए शुरुआती टैलेंट ढूंढने और भर्ती प्रक्रिया में लगने वाले समय को काफी कम कर देगा। राज्य सरकार की नीति के तहत वर्ष 2031 तक 500 नए ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स बनाने का लक्ष्य है, जिसके लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ अब लखनऊ और कानपुर जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने बताया कि इस कदम से उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख जीसीसी डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में मजबूत आधार मिलेगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों को उनकी जरूरत के हिसाब से स्किल्ड मैनपावर मिलने से राज्य की विकास दर में तेजी आएगी। टीमलीज की ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा ने कहा कि उनकी कंपनी 4000 से अधिक नियोक्ताओं को एंड-टू-एंड वर्कफोर्स समाधान दे रही है और इस अनुभव का लाभ उत्तर प्रदेश के टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने में मिलेगा। कंपनी पहले ही देश-विदेश में बड़े पैमाने पर युवाओं को प्लेसमेंट दिला चुकी है और इस नए जुड़ाव से उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

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