Sambhal : कसेरुआ मस्जिद ध्वस्तीकरण पर गरजे दानिश अली- ‘कानून को बुलडोजर से कुचल रही बीजेपी सरकार’
उन्होंने आरोप लगाया कि संभल में साजिश के तहत इबादतगाहों को निशाना बनाया जा रहा है और कानून के शासन की जगह बुलडोजर राज स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक दिन पहले आदेश जारी होता है।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल के कसेरुआ गांव में कथित मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर पहुंचे कांग्रेस डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज एक पुरानी मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया, जबकि ऐसा करने का अधिकार न तहसीलदार को है और न ही जिला प्रशासन को।
दानिश अली ने कहा कि यदि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड में दर्ज है और उस पर कोई विवाद है तो उसका निस्तारण वक्फ ट्रिब्यूनल या हाईकोर्ट के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संभल में साजिश के तहत इबादतगाहों को निशाना बनाया जा रहा है और कानून के शासन की जगह बुलडोजर राज स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक दिन पहले आदेश जारी होता है और अगले ही दिन बुलडोजर चल जाता है, आखिर भाजपा सरकार करना क्या चाहती है? मस्जिद की दीवार पर लिखे शब्दों को लेकर उठे विवाद पर भी उन्होंने कहा कि मस्जिद के अंदर धार्मिक बातें ही लिखी जाएंगी। पूर्व सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी धर्म की इबादतगाह के साथ अन्याय के खिलाफ खड़ी है और राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान तथा कानून की रक्षा की लड़ाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार खुद अपने सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों पर भरोसा नहीं कर रही है। वहीं, जब उनसे जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि वह पत्रकार के एजेंडे पर नहीं चलेंगे। कसेरुआ प्रकरण को लेकर कांग्रेस अब खुलकर मैदान में उतर आई है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक गर्मी पकड़ सकता है।
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