यूपी में एक माह में नियंत्रित हुई लम्पी स्किन डिजीज, 55 लाख गोवंशों का हुआ टीकाकरण, पशुधन मंत्री ने की समीक्षा

उत्तर प्रदेश में लम्पी स्किन डिजीज पर एक माह में नियंत्रण पा लिया गया है। करीब 55 लाख गोवंशों का टीकाकरण हुआ और 9530 प्रभावित पशुओं का शत-प्रतिशत इलाज किया गया।

By INA News Desk
Sep 21, 2026 - 23:03
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यूपी में एक माह में नियंत्रित हुई लम्पी स्किन डिजीज, 55 लाख गोवंशों का हुआ टीकाकरण, पशुधन मंत्री ने की समीक्षा

उत्तर प्रदेश में गोवंशों में फैली लम्पी स्किन डिजीज पर शासन ने त्वरित और बहुस्तरीय रणनीतियों के दम पर मात्र एक माह के भीतर प्रभावी नियंत्रण पा लिया है। राज्य भर में संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर चलाए गए टीकाकरण अभियान के तहत अब तक लगभग प बचपन लाख पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित अपने कक्ष में स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को टीकाकरण अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के कड़े निर्देश दिए।

प्रदेश में टीकाकरण कार्य को तेज गति से पूरा करने के लिए सात सौ इकतीस समर्पित टीमें जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय हैं। इसके साथ ही किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने के लिए राज्य मुख्यालय स्तर पर नौ लाख से अधिक टीकों का सुरक्षित भंडारण रखा गया है। पशुपालकों की सहूलियत, त्वरित सूचना और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए हेल्पलाइन नंबर 1962 तथा टोल फ्री नंबर 18001805141 भी निरंतर कार्य कर रहे हैं। पशुधन मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों के गांवों में व्यवस्थित रोस्टर तैयार कर पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि हर गोवंश की समय पर स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित हो सके।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार राज्य के अट्ठाईस जनपद इस संक्रमण से प्रभावित हुए थे, जहां कुल नौ हजार पांच सौ तीस पशुओं में इसके लक्षण मिले। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए इन सभी प्रभावित पशुओं का शत-प्रतिशत उपचार किया, जिसके परिणामस्वरूप आठ हजार पांच सौ निन्यानवे पशु पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में नौ सौ छह उपचाराधीन पशु हैं, जिनकी स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। संक्रमण के दौरान मृत्यु दर मात्र शून्य दशमलव दो छह प्रतिशत रही, जिसमें कुल पच्चीस पशुओं की हानि हुई। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में इस बीमारी का न तो कोई नया मामला दर्ज हुआ है और न ही किसी पशु की मौत की सूचना मिली है।

जमीनी हकीकत की निगरानी के लिए शासन ने सभी अठारह मंडलों में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर भी नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर टीकाकरण, उपचार और अन्य प्रबंधों का स्वयं जायजा ले रहे हैं। पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने स्पष्ट किया कि जिन जनपदों में संक्रमण नहीं फैला है, वहां भी एहतियात के तौर पर टीकाकरण अभियान निरंतर जारी रहेगा। समीक्षा बैठक में विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश बिंदु, दुग्ध आयुक्त धन लक्ष्मी के, पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ. राजेंद्र प्रसाद तथा निदेशक रोग नियंत्रण डॉ. संगीता तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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