गोमती पुस्तक महोत्सव में राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की धूम, छात्रों और युवाओं को खूब भा रहा डिजिटल प्लेटफॉर्म
गोमती पुस्तक महोत्सव में राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय का डिजिटल स्टॉल युवाओं के आकर्षण का केंद्र बना। सात हजार से अधिक मुफ्त ई-किताबों का लाभ उठा रहे पाठक।
पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव में मुद्रित साहित्य के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल पठन का संगम पाठकों के लिए विशेष अनुभव लेकर आया है। आयोजन स्थल पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की पहल पर स्थापित राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय का स्टॉल छात्र-छात्राओं और युवा पाठकों के बीच मुख्य आकर्षण साबित हो रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा संचालित इस डिजिटल केंद्र का उद्देश्य नई पीढ़ी को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन साहित्य और आधुनिक अध्ययन संसाधनों से जोड़ना है।
इस डिजिटल मंच पर सात हजार से ज्यादा निःशुल्क ई-किताबें, वीडियो टीजर, ऑडियो बुक्स और भारतीय भाषाओं को सुगमता से सीखने के लिए विशेष पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है। महोत्सव के दौरान एक हजार से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और पुस्तक प्रेमियों को ऐप के संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने आगंतुकों को विभिन्न क्षेत्रीय व राष्ट्रीय भाषाओं में उपलब्ध डिजिटल सामग्री को खोजने और पढ़ने की सरल तकनीक से परिचित कराया। इसके साथ ही बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों, कला और पहेलियों के माध्यम से ई-साहित्य की उपयोगिता समझाई गई।
पारंपरिक किताबों के साथ तकनीक के इस समन्वय को पाठकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। आयोजन के दौरान प्रतिदिन पांच सौ से ज्यादा लोग मौके पर ही इस ऐप को अपने मोबाइल फोन में स्थापित कर रहे हैं। एंड्रॉइड, आईओएस और वेबसाइट तीनों माध्यमों पर उपलब्ध यह सुविधा पाठकों को अपनी सुविधानुसार अध्ययन का अवसर देती है। स्टॉल पर पहुंचे अध्येताओं की तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान करने के साथ ही उन्हें डिजिटल दौर में निरंतर अध्ययनशील बने रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। महोत्सव में आने वाले पाठक अब केवल भौतिक पुस्तकों के चयन तक सीमित न रहकर भविष्य के डिजिटल पुस्तकालय से भी सीधे जुड़ रहे हैं।
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