यूपी मंडी परिषद की बड़ी पहल: 1,111 संपर्क मार्गों की मरम्मत के लिए 477 करोड़ रुपये मंजूर, आसान होगा किसानों का सफर

उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने प्रदेश के 1,111 संपर्क मार्गों की मरम्मत के लिए 477 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 1,714 किमी सड़कें होंगी गड्ढा मुक्त।

By INA News Desk
Oct 14, 2026 - 21:59
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यूपी मंडी परिषद की बड़ी पहल: 1,111 संपर्क मार्गों की मरम्मत के लिए 477 करोड़ रुपये मंजूर, आसान होगा किसानों का सफर

लखनऊ। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और किसानों को मंडियों तक सहज पहुंच उपलब्ध कराने के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने तथा गड्ढामुक्त अभियान को रफ्तार देने के उद्देश्य से लगभग 477 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस धनराशि का इस्तेमाल प्रदेश के सभी 18 मंडलों में फैले 1,111 संपर्क रास्तों के नवीनीकरण और मरम्मत में किया जाएगा।

इन सभी सड़कों की कुल लंबाई लगभग 1,714 किलोमीटर है। इस पहल से कृषि उपज से लदे वाहनों का आवागमन सुगम होगा और खराब सड़कों के कारण फसलों की ढुलाई में लगने वाले समय और लागत में कमी आएगी। इससे न केवल किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में राहत मिलेगी, बल्कि आसपास की ग्रामीण आबादी का सफर भी सुरक्षित और आसान हो जाएगा।

मंडलवार बजट वितरण: बरेली को सबसे ज्यादा धनराशि, कानपुर में सबसे अधिक रास्ते

सड़कों के कायाकल्प के लिए तैयार योजना के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों के मुताबिक बजट आवंटित किया गया है:

  • कानपुर मंडल: सबसे अधिक 158 संपर्क रास्तों के सुधार के लिए 50.66 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनसे 235.39 किलोमीटर लंबे मार्ग सुधरेंगे।

  • बरेली मंडल: सबसे ज्यादा 74.86 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे 156 रास्तों (225.15 किमी) का कायाकल्प होगा।

  • लखनऊ मंडल: 129 रास्तों (215.40 किमी) के लिए 72.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

  • अन्य मंडल: झांसी मंडल में 77 रास्तों के लिए 44.11 करोड़, आगरा मंडल में 100 रास्तों के लिए 35.89 करोड़ और प्रयागराज मंडल में 83 रास्तों के लिए 34.73 करोड़ रुपये की बजट स्वीकृति मिली है। इसके अलावा अयोध्या, अलीगढ़, मिर्जापुर सहित बाकी संभागों में भी जल्द काम शुरू होगा।

जिलाधिकारियों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से होगा काम

निर्माण और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता तथा गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सख्त व्यवस्था बनाई गई है। मंडी परिषद ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिलों में प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा है। उपनिदेशक निर्माण, उपनिदेशक प्रशासन और मंडी सचिव जिला प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर काम की रफ्तार पर नजर रखेंगे।

मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, सड़कों को सुदृढ़ बनाना और आवागमन को सुचारू रखना प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि निर्माण सामग्री और काम के मानक में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रोजेक्ट्स तय समयसीमा में पूरे किए जाएंगे ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

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