यूपी में 67.50 लाख बुजुर्गों को मिल रही वृद्धावस्था पेंशन: जौनपुर प्रदेश में अव्वल, हर महीने ₹1000 की आर्थिक मदद
योगी सरकार में 67.50 लाख बुजुर्गों को हर महीने ₹1,000 की वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। 2.24 लाख लाभार्थियों के साथ जौनपुर पूरे उत्तर प्रदेश में अव्वल रहा।
उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान करने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में वर्तमान में 67.50 लाख पात्र वृद्धजनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस कल्याणकारी पहल ने उम्र के इस नाजुक पड़ाव पर बुजुर्गों को रोजमर्रा की आवश्यकताओं और दवाओं के खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की विवशता से मुक्ति दिलाई है।
योजना के सफल क्रियान्वयन और लाभार्थियों के आच्छादन के मामले में जौनपुर जनपद ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जहां 2,24,345 वृद्धजनों को नियमित पेंशन का लाभ मिल रहा है। रैंकिंग में 1,97,129 लाभार्थियों के साथ आजमगढ़ दूसरे और 1,72,917 बुजुर्गों के साथ गोरखपुर तीसरे स्थान पर रहा है। इसके अतिरिक्त शीर्ष 10 जनपदों में गाजीपुर (1,69,161), हरदोई (1,69,105), बलिया (1,68,241), प्रयागराज (1,67,536), प्रतापगढ़ (1,61,656), कुशीनगर (1,59,964) तथा अंबेडकर नगर (1,50,835) शामिल हैं। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा नीतियां ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक पूरी पारदर्शिता से पहुंच रही हैं।
वृद्धावस्था में आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण वृद्धजनों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ता है। ऐसे में प्रतिमाह प्राप्त होने वाली 1,000 रुपये की सम्मान राशि उनके लिए मजबूत सुरक्षा कवच सिद्ध हो रही है। योजना को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाए रखने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा लाभार्थियों के भौतिक एवं आधार प्रमाणीकरण व सत्यापन की प्रक्रिया को भी तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि एक भी अपात्र को लाभ न मिले और कोई भी वास्तविक पात्र वृद्ध योजना से वंचित न रहे।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता अंतिम पायदान पर खड़े बुजुर्गों को गरिमामयी जीवन देना है। विभाग आधुनिक तकनीक और सतत निगरानी के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे डीबीटी प्रणाली से पेंशन राशि लाभार्थियों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
What's Your Reaction?

