UP News: यूपी की मंडियों में चलेगा 15 दिवसीय स्वच्छता अभियान, ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ से सुधरेंगी सफाई और यातायात व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक
- योगी सरकार की पहल से प्रदेश की मंडियों में स्वच्छता को मिलेगा नया आयाम, 15 दिवसीय विशेष अभियान से बदलेगी तस्वीर
- किसानों की सुविधा और स्वच्छता पर योगी सरकार का फोकस, मंडियों में सफाई से लेकर जल निकासी तक होंगे पुख्ता इंतजाम
- ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ से चमकेंगी यूपी की मंडियां, कूड़ा निस्तारण और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर
- राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ संचालित करने हेतु जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक श्री जितेंद्र प्रताप सिंह ने ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ संचालित करने का निर्देश दिया है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने अक्टूबर, 2026 में प्रदेश की सभी मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर व्यापक स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत मंडी परिसरों में जमा कूड़े, बंद नालियों, जलभराव वाले स्थानों, शौचालयों, नीलामी चबूतरों, दुकानों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- सभी मंडियों में युद्धस्तर पर होगी साफ-सफाई
इस अभियान के दौरान मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को अपने सभी सफाई कर्मियों को लगाकर युद्धस्तर पर सफाई कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी परिसर के प्रत्येक हिस्से की सफाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कोई भी स्थान गंदगी से अछूता न रहे। विशेष रूप से लंबे समय से जमा पुराने कूड़े, नालियों में फंसे अपशिष्ट तथा पानी जमा होने वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई कराई जाएगी।
मंडी के प्रवेश और निकास द्वारों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सड़क मार्ग और मंडी परिसर की चहारदीवारी के बीच जमा कूड़े को भी हटवाया जाएगा। परिसर में लगे दिशा-संकेतकों की सफाई तथा पेड़ों के तनों के निचले हिस्से पर चूने अथवा गेरू से पुताई कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य मंडियों को स्वच्छ रखने के साथ-साथ वहां आने वाले किसानों, व्यापारियों और अन्य लोगों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
- धान की आवक को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
अक्टूबर माह में धान और अन्य कृषि उत्पादों की अधिक आवक तथा आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मंडियों में यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। मंडी परिसरों में उपलब्ध स्थान के अनुसार खाली वाहनों की पार्किंग के लिए स्थल चिह्नित किए जा सकेंगे, ताकि अनावश्यक रूप से वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित न हो और मंडी परिसर में आवागमन सुगम बना रहे। धान की प्रमुख आवक वाली मंडियों में संबंधित संभागीय उप निदेशक को यातायात व्यवस्था का आकलन कर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर अपने स्तर से तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित संभागीय उप निदेशक और मंडी समिति के सचिव की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- नीलामी चबूतरों, दुकानों और नालियों की होगी विशेष सफाई
इस अभियान के अंतर्गत मंडी परिसर में स्थित नीलामी चबूतरों के आसपास की नालियों में जमा कूड़े को हटाने तथा चबूतरों और उनसे संबंधित संरचनाओं की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडियों में स्थित दुकानों, भवनों और जीआई शीट पर लगे जालों को भी साफ कराया जाएगा। दुकानों के पीछे सामान्यतः जमा होने वाली गंदगी, कूड़े और झाड़ियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिन स्थानों पर नमी रहती है, वहां कूड़ा हटाने के बाद निर्देशानुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा। इसका उद्देश्य परिसर में स्वच्छता बनाए रखना और गंदगी के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकना है। सफाई अभियान के दौरान प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े को शत-प्रतिशत उठवाकर निर्धारित कूड़ा स्थल अथवा डंपिंग स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- शौचालयों और किसान विश्राम गृहों में सुविधाओं पर रहेगा ध्यान
मंडी परिसरों में बने शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई के साथ जलापूर्ति एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शौचालयों के आसपास जलभराव वाले स्थानों की विशेष सफाई कर वहां नियमित रूप से चूने का छिड़काव कराया जाएगा। कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाएगा। किसान विश्राम गृहों में किसानों के लिए अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही किसान कल्याणकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक सूचनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा मंडी परिसर में प्रकाश व्यवस्था के बिंदुओं के आसपास सफाई तथा विद्युत खंभों के निचले हिस्से की पुताई भी कराई जाएगी।
- निर्माण कार्यों के कारण सफाई प्रभावित न हो
मंडी परिसरों में जहां नए सिविल, विद्युत अथवा मरम्मत संबंधी कार्य चल रहे हैं, उन स्थलों को अलग से चिह्नित किया जाएगा। निर्माण कार्यों के आसपास जाली या तिरपाल लगाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि धूल और गर्द के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। निर्माण कार्य के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को भी अभियान के दौरान हटवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी जिम्मेदारी संबंधित उप निदेशक (निर्माण/विद्युत यांत्रिक) को सौंपी गई है। इसके साथ ही मंडी परिसर से निकलने वाले दैनिक कूड़े को एकत्र करने के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित किए जाएंगे। परिसर में आवश्यकतानुसार हरे और नीले रंग के कूड़ेदान रखवाए जाएंगे, ताकि कचरे के संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। खुले नालों और नालियों को स्थायी रूप से ढकने तथा पूरे परिसर में समुचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
- आवश्यक मरम्मत के लिए मुख्यालय से मांगी जा सकेगी धनराशि
मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जहां छोटे-मोटे मरम्मत अथवा अनुरक्षण कार्यों की आवश्यकता होगी, वहां वास्तविक जरूरत के आधार पर संबंधित संभाग के उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) के माध्यम से मंडी परिषद मुख्यालय से धनराशि की मांग की जा सकेगी। इससे सफाई व्यवस्था से संबंधित आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा कराने में मदद मिलेगी। निदेशक द्वारा ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ के माध्यम से प्रदेश की मंडियों में नियमित सफाई, कूड़े का समुचित निस्तारण, जलभराव की समस्या का समाधान, बेहतर यातायात प्रबंधन और किसानों के लिए सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों और मंडी समितियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए सफाई व्यवस्था को केवल अभियान तक सीमित न रखकर वर्षभर बनाए रखने की दिशा में कार्य करना होगा।
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