यूपी में महिलाओं की सुरक्षा होगी हाईटेक: क्यूआर कोड स्कैन कर दर्ज होगी शिकायत, लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई तकनीकी पहल। क्यूआर कोड स्कैन कर दर्ज होगी शिकायत, लखनऊ कमांड सेंटर से सभी 75 जिलों की होगी निगरानी।

By INA News Desk
Oct 9, 2026 - 07:44
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यूपी में महिलाओं की सुरक्षा होगी हाईटेक: क्यूआर कोड स्कैन कर दर्ज होगी शिकायत, लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर
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  • एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्ट होगी हर महिला, क्यूआर स्कैन करते ही कर सकेंगी शिकायत
  • प्रदेश की बहन-बेटियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने की तैयारी में योगी सरकार
  • पहली बार शुरू की जा रही ऐसी योजना, लखनऊ से रखी जाएगी सभी 75 जिलों पर नजर
  • कमांड सेंटर में तैनात स्पेशल सेल रखेगी विभिन्न विभागों से समन्वय
  • महिला आयोग की अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर आगामी कार्ययोजना पर लिया मार्गदर्शन

लखनऊ : प्रदेश की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके तहत महिला सुरक्षा के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल तैयार किया जा रहा है, जिसमें एप के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के लिए शिकायत दर्ज कराने और उस पर एक्शन लेने की प्रक्रिया को और सुगम बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन करते ही महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी। वहीं एप के माध्यम से महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा तंत्र से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

इस पहल की खास बात यह होगी कि महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और उनसे संबंधित कार्रवाई की निगरानी के लिए व्यवस्था को प्रदेश स्तर पर जोड़ा जाएगा। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर से सभी 75 जिलों पर नजर रखने की योजना है। कमांड सेंटर में तैनात विशेष सेल महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग के साथ ही जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों और संबंधित तंत्र के बीच समन्वय की भूमिका निभाएगा। इससे शिकायतों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और उनके निस्तारण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास होगा।

क्यूआर स्कैन करते ही मिलेगी सुविधा

प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं को शिकायत के लिए अलग-अलग माध्यमों की तलाश करने की जरूरत कम होगी। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद महिला शिकायत दर्ज कर सकेगी। इसके साथ ही एप के जरिए ऑनलाइन कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। यानी तकनीक को महिला सुरक्षा के तंत्र से सीधे जोड़कर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने पर जोर है। महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित तंत्र तक उसकी पहुंच आसान हो, यही इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए लखनऊ में स्थापित किए जाने वाले कमांड सेंटर से जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। यहां बनने वाला स्पेशल सेल जरूरत के अनुसार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करेगा।

लखनऊ से सभी 75 जिलों पर नजर

प्रदेश में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी को एकीकृत स्वरूप देने की तैयारी है। लखनऊ स्थित कमांड सेंटर को इसका प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, जहां से प्रदेश के सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग की जाएगी। विशेष सेल के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

इस व्यवस्था में तकनीक आधारित शिकायत तंत्र और प्रदेश स्तर की निगरानी को एक साथ जोड़ा जा रहा है। इससे एक ओर महिला के लिए शिकायत दर्ज कराने का रास्ता आसान होगा तो दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। इसे देश में पहली बार शुरू की जा रही ऐसी पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है।

आयोग की भूमिका को भी मिलेगा और प्रभावी स्वरूप

महिला सुरक्षा के इस व्यापक प्रयास के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की भूमिका को भी और प्रभावी बनाने पर जोर है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल के विस्तार के उपरांत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से महिला आयोग के आगामी कार्यों, दायित्वों और प्राथमिकताओं के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। डॉ. बबिता सिंह चौहान ने आयोग द्वारा महिलाओं के हित में किए जा रहे कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी।

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