योगी राज में उत्तर प्रदेश बना निवेश का नया केंद्र: एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल।  

लखनऊ। एक समय था जब उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करने का विचार आते ही फाइलों के अंबार, जटिल नियम और विभागों के चक्कर आंखों के सामने

By INA News Desk
Jan 23, 2026 - 19:33
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योगी राज में उत्तर प्रदेश बना निवेश का नया केंद्र: एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल।  
योगी राज में उत्तर प्रदेश बना निवेश का नया केंद्र: एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल।  
  • सरलीकृत नीतियों व तेज फैसलों से योगी सरकार ने कारोबार के लिए आसान बनाया उत्तर प्रदेश
  • नियमों की जटिलता से मुक्ति दिलाकर निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम
  • ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों से उद्योगों को मिला समय, संसाधन और आत्मविश्वास
  • पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रणाली ने निवेशकों का भरोसा किया मजबूत
  • नीति निर्माण से लेकर जमीन पर क्रियान्वयन तक दिखा सरकार का प्रो-एक्टिव अप्रोच
  • व्यवसाय के अनुकूल माहौल से रोजगार सृजन को मिली नई रफ्तार, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित समाधान बने कारोबार की रीढ़
  • स्थिर नीति, सुरक्षित वातावरण और आसान प्रक्रियाएं बनीं यूपी की नई पहचान

लखनऊ। एक समय था जब उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करने का विचार आते ही फाइलों के अंबार, जटिल नियम और विभागों के चक्कर आंखों के सामने आ जाते थे। निवेशक संभावनाएं देखते थे, लेकिन प्रक्रियाओं की जटिलता उन्हें रोक देती थी। आज वही उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की मिसाल बनकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुनियोजित, निर्णायक व निरंतर सुधारों का परिणाम है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि व्यवस्थागत सुधारों से आता है। इसी सोच के साथ व्यापारिक वातावरण को सरल, पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल बनाने की यात्रा शुरू हुई।

  • 12वें पायदान से देश के शीर्ष राज्यों तक

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग इस बदलाव की सबसे ठोस गवाही देती है। वर्ष 2017-18 में बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 12वें स्थान पर था। लेकिन सुधारों की रफ्तार इतनी तेज रही कि वर्ष 2019 में प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। वर्ष 2021 के गुड गवर्नेस इंडेक्स में वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर यह साबित किया कि सुधार केवल कागज़ों तक सीमित नहीं। इसके बाद 2022 और 2024 में उत्तर प्रदेश को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला। लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी 2022, 2023 और 2024 में राज्य ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा। 

  • सुधारों की लिखी गई नई इबारत

बीआरएपी 2024 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को तीन अहम क्षेत्रों, उद्यम स्थापना, श्रम विनियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और भूमि प्रशासन में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह मान्यता उस नीति का परिणाम है, जिसमें सरकार ने औद्योगिक अवरोधों को पहचान कर उन्हें दूर करने पर फोकस किया। वर्ष 2024 के बाद बीआरएपी व बीआरएपी-प्लस  के तहत सरकार ने 24 क्षेत्रों में 426 बड़े सुधार लागू किए। उद्यम स्थापना से लेकर भूमि सुधार, श्रम पंजीकरण, पर्यावरण स्वीकृतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और निर्माण अनुमति तक हर चरण को सरल और समयबद्ध बनाया गया।

  • निवेश मित्र एक पोर्टल, अनगिनत समाधान

इन सुधारों की धुरी बना ‘निवेश मित्र’, भारत के सबसे बड़े डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल्स में एक। इस पोर्टल के माध्यम से उद्यमियों को 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पोर्टल नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से भी एकीकृत है, जिससे राज्य और केंद्र की प्रक्रियाएं एक-दूसरे से जुड़ गई हैं। निवेश मित्र की सबसे बड़ी सफलता इसकी दक्षता है। लाइसेंस से जुड़े आवेदनों में 97 प्रतिशत से अधिक निस्तारण दर और अब तक 20 लाख से अधिक डिजिटल स्वीकृतियां, ये आंकड़े बताते हैं कि सिस्टम केवल मौजूद नहीं है, बल्कि काम भी कर रहा है।

  • मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की जमीन पर तस्वीर

योगी सरकार ने तय किया कि लाइसेंस व स्वीकृतियों के लिए कोई भी भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं होगा। सभी आवेदन केवल निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ही लिए जाएंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप व भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हुईं। यूजर फीडबैक के अनुसार, निवेश मित्र से जुड़े 96 प्रतिशत उपयोगकर्ता संतुष्ट हैं। यह डिजिटल गवर्नेंस में जनता के भरोसे का प्रमाण है।

  • ‘निवेश मित्र 3.0’ के जरिए भविष्य की तैयारी

सरकार यहीं नहीं रुकी है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से लैस होगा, जिसमें रियल-टाइम डेटा एनालिसिस, शिकायत निवारण और व्हाट्सएप, ईमेल व ऐप के जरिए त्वरित सूचना व्यवस्था शामिल होगी। ‘निवेश मित्र 3.0’ को आईजीआरएस, निवेश सारथी, ओआईएमएस, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड ‘दर्पण’ से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत और अत्यंत कुशल डिजिटल इकोसिस्टम तैयार होगा।

  • नियम कम, भरोसा ज्यादा

नियामक अनुपालनों को सरल करना योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लगभग 65 विभागों में 4,675 नियामक अनुपालनों को कम किया गया, 4,098 को सरल व डिजिटल किया गया। 577 अनुपालनों को अपराधमुक्त किया गया और 948 पुराने अधिनियमों, नियमों-विनियमों को निरस्त कर दिया गया। अब उत्तर प्रदेश में व्यापार के लिए उप्र दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम-1962 के तहत पंजीकरण ही पर्याप्त है। ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण की आवश्यकता भी खत्म कर दी गई है।

  • कारोबार में डर नहीं, विश्वास का माहौल

अग्निशमन, श्रम, परिवहन और विधिक माप विज्ञान विभागों के तहत कई अपराधों को डिक्रिमिनलाइज कर दिया गया है। औद्योगिक शांति अधिनियम के अंतर्गत कारावास के प्रावधान को हटाना सरकार के विश्वास और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। आज उत्तर प्रदेश सिर्फ जनसंख्या या भूगोल के कारण नहीं, बल्कि स्थिर नीतियों, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन के कारण निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

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