लखनऊ में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव: सीएम योगी करेंगे शुरुआत, दिखेगी आमों की 800 से अधिक किस्में
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ इस तीन दिवसीय खास महोत्सव की शुरुआत करेंगे।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय 'उत्तर प्रदेश आम महोत्सव' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस खास महोत्सव की शुरुआत करेंगे। इस तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न श्रेणियों और वर्गों के तहत आम की 800 से अधिक अनोखी प्रजातियों को प्रदर्शित किया जाएगा। उद्यान, कृषि विपणन और कृषि निर्यात राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने एक बातचीत में बताया कि बागवानों और किसानों को सीधे बड़े बाजार से जोड़ने के लिए पहली बार 'जन भवन' में आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी फसल की सही कीमत मिल सके।
इस बड़े महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के उद्यान विभाग के अधिकारी, आधुनिक खेती करने वाले बागवान और बड़े निर्यातक शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में आम के बेहतरीन कलमी पौधे भी बिक्री के लिए रखे जाएंगे, ताकि आम लोग इन्हें आसानी से खरीद सकें। विभागीय अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे इस आयोजन में आएं और पर्यावरण की बेहतरी के लिए कम से कम एक पौधा अपने घर ले जाकर जरूर लगाएं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए आम खाने की प्रतियोगिता और आम से तरह-तरह के पकवान बनाने की प्रतियोगिताएं इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही बागवानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक तरीके से फल तोड़ने और कीटों से बचाव के गुर सिखाने के लिए खास कार्यशालाएं भी होंगी।
उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा आम उत्पादन करने वाला राज्य बन चुका है, जो देश के कुल आम उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा पैदा करता है। यहां की मशहूर किस्में जैसे दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली पूरी दुनिया में अपनी मिठास के लिए जानी जाती हैं। इनका सबसे ज्यादा उत्पादन मुख्य रूप से लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज क्षेत्रों में होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से विदेशों में होने वाले आम और पल्प के निर्यात में भारी बढ़त दर्ज की गई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल करोड़ों रुपये मूल्य के हजारों मीट्रिक टन आम का निर्यात यूनाइटेड किंगडम, यूएई, सऊदी अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे देशों को किया गया है।
सरकार की ओर से लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आधुनिक मैंगो पैक हाउस बनाए गए हैं, जहां फलों को विदेशों में भेजने से पहले वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के नजदीक फलों की जांच और उपचार के लिए एक नया केंद्र भी बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में फलों के व्यापार को और मजबूती मिलेगी। आम की गुणवत्ता, चमक और स्वाद को बेहतर बनाए रखने के लिए इस साल किसानों को करीब डेढ़ करोड़ फ्रूट कवर बैग बांटे गए हैं। साथ ही पुराने और कम फल देने वाले बागों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार की तरफ से 40 प्रतिशत की आर्थिक मदद भी दी जा रही है। इन सभी प्रयासों से राज्य के आमों को दुनिया भर में एक बड़ा ब्रांड और नई पहचान मिल रही है।
Also Click : Saharanpur Triple Talaq Case: सहारनपुर में महिला ने पति पर लगाया जबरन हलाला और तीन तलाक का आरोप, SSP से शिकायत
What's Your Reaction?




