काशी की गुलाबी मीनाकारी से बना चांदी का फाइटर प्लेन, शिल्पी कुंज बिहारी सिंह को मिले विदेशी ऑर्डर
'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो से प्रेरित होकर वाराणसी के शिल्पी कुंज बिहारी सिंह ने 400 ग्राम चांदी से बनाया लड़ाकू विमान। कैलिफोर्निया व ऑस्ट्रेलिया से मिले 100 ऑर्डर।
वाराणसी में मां गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो के शौर्य और पराक्रम की गूंज के बीच काशी की गलियों में पारंपरिक शिल्पकारों ने अपने हुनर से राष्ट्रप्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। एयर शो से प्रेरित होकर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित गुलाबी मीनाकारी के प्रख्यात शिल्पी कुंज बिहारी सिंह ने शुद्ध चांदी और बारीक मीनाकारी से सुसज्जित लड़ाकू विमान (फाइटर जेट) की अद्भुत अनुकृति तैयार की है। पारंपरिक कला और भारत की आधुनिक सैन्य शक्ति के संगम को दर्शाती यह कलाकृति काशी के शिल्पकारों की असीम रचनात्मकता का प्रमाण बनकर उभरी है। शिल्पकार इस विशेष कलाकृति को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट स्वरूप समर्पित करने की तैयारी कर रहे हैं।
कुंज बिहारी सिंह ने बताया कि वाराणसी में एयर शो की घोषणा होते ही उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया था। लगभग 400 ग्राम शुद्ध चांदी के प्रयोग से इस फाइटर प्लेन को तैयार करने में उन्हें एक माह का कड़ा परिश्रम लगा। कलाकृति की बारीक नक्काशी और पारंपरिक गुलाबी रंगों का संयोजन इसे बेहद आकर्षक रूप प्रदान करता है। उनका कहना है कि काशी की इस धरोहर कला को समसामयिक विषयों और देश के गौरव से जोड़ना उनका मुख्य ध्येय रहा है।
विदेशों तक पहुंची मांग, मिले 100 से अधिक ऑर्डर
कलाकृति तैयार होने के उपरांत जैसे ही इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और निजी संपर्कों के माध्यम से साझा की गईं, देश-विदेश के कला प्रेमियों में इसे लेकर भारी आकर्षण देखा गया। शिल्पी के अनुसार, उन्हें अब तक अमेरिका के कैलिफोर्निया और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों व घरेलू बाजारों से लगभग 100 पीस के अग्रिम ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं। ग्राहक इसे विभिन्न आकारों और विशेष उपहार स्वरूप तैयार करने का अनुरोध कर रहे हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। इससे पूर्व भी उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृति तैयार की थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिली थी।
ओडीओपी और जीआई संरक्षण से वैश्विक मंच पर लौटी चमक
शिल्पकार कुंज बिहारी सिंह ने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'एक जिला, एक उत्पाद' (ओडीओपी) और भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे अभियानों ने गुलाबी मीनाकारी को विलुप्त होने से बचाकर नई वैश्विक पहचान दी है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई वित्तीय सहायता, निःशुल्क आधुनिक टूल किट, तकनीकी प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय पैकेजिंग सुविधाओं के कारण युवाओं का रुझान इस पैतृक विधा की ओर फिर से बढ़ा है। यह नवाचार साबित करता है कि प्राचीन परंपराओं को यदि आधुनिक दृष्टिकोण और राष्ट्रीय भावना के साथ जोड़ा जाए, तो स्थानीय हुनर को अंतरराष्ट्रीय आसमान छूने से कोई नहीं रोक सकता।
What's Your Reaction?

