West Bengal Bypolls: रेजीनगर में मतदान के दौरान भारी बवाल, विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने हिरासत में लिया
पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव के दौरान मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में तनाव फैलने के बाद पुलिस ने हुमायूं कबीर को हिरासत में ले लिया। इलाके में सुरक्षा बल तैनात।
- बंगाल उपचुनाव में गरमाया माहौल: मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में हंगामे के बीच हुमायूं कबीर पुलिस हिरासत में, बूथों पर तनाव
- Murshidabad News: उपचुनाव की वोटिंग के दौरान पुलिस एक्शन, रेजीनगर इलाके से हिरासत में लिए गए हुमायूं कबीर
- पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव: रेजीनगर में मतदान के बीच झड़प और हंगामा, पुलिस ने हुमायूं कबीर को लिया हिरासत में
पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव के तहत चल रहे मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के संवेदनशील रेजीनगर क्षेत्र में उस समय भारी राजनीतिक तनाव उत्पन्न हो गया, जब पुलिस और सुरक्षाबलों ने वरिष्ठ नेता व विधायक हुमायूं कबीर को एहतियातन हिरासत में ले लिया। मतदान केंद्रों के आसपास अशांति, समर्थकों के जमावड़े और आचार संहिता के कथित उल्लंघन की शिकायतों के बाद पुलिस प्रशासन ने यह कदम उठाया। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में राजनीतिक पारा चढ़ गया है और विभिन्न मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है।
मुर्शिदाबाद का यह इलाका चुनावी दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है। मतदान शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और कुछ बूथों पर मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप-प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए थे। इसी बीच हुमायूं कबीर की मौजूदगी को लेकर विपक्षी दलों और स्थानीय मतदाताओं ने आपत्ति दर्ज कराई थी। प्रशासन का कहना है कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवधानमुक्त बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था के तहत उन्हें क्षेत्र से दूर ले जाकर हिरासत में रखा गया।
- हिरासत में लिए जाने का कारण और पुलिस की कार्रवाई
जिला पुलिस प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मतदान केंद्र के निर्धारित दायरे में अनधिकृत रूप से भीड़ जुटाने और समर्थकों के साथ आवाजाही की सूचना मिली थी। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, मतदान के दिन संबंधित मतदान केंद्र के उम्मीदवार, पोलिंग एजेंट और अधिकृत व्यक्तियों के अतिरिक्त किसी भी अन्य राजनीतिक व्यक्ति के अनावश्यक जमावड़े पर पाबंदी होती है।
जैसे ही हुमायूं कबीर का काफिला रेजीनगर के एक संवेदनशील बूथ के पास पहुंचा, स्थानीय लोगों और विपक्षी कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। इसके बाद मौके पर स्थिति अनियंत्रित होने लगी और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए त्वरित हस्तक्षेप किया और हुमायूं कबीर को अपनी गाड़ी में बैठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई आपराधिक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए की गई निवारक (प्रिवेंटिव) हिरासत है।
- राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
हुमायूं कबीर को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद राज्य का सियासी माहौल गरमा गया। कांग्रेस, वाम मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता मतदान को प्रभावित करने और मतदाताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे थे। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि रेजीनगर और आसपास के सभी संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए और वेबकास्टिंग की निरंतर निगरानी हो।
वहीं, हुमायूं कबीर और उनके समर्थकों का दावा है कि वे केवल शांतिपूर्ण तरीके से मतदाताओं की स्थिति देखने गए थे और प्रशासन ने विपक्षी दलों के राजनीतिक दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि क्षेत्र में किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था नहीं फैलाई गई थी।
- रेजीनगर और मुर्शिदाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस घटना के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है। क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को संवेदनशील बूथों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की संभावित झड़प को रोका जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों के 100 से 200 मीटर के दायरे में किसी भी अवांछित व्यक्ति को रुकने नहीं दिया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
राज्य निर्वाचन कार्यालय ने मुर्शिदाबाद जिला प्रशासन से रेजीनगर में हुए पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या भय के प्रभाव में न आएं और निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। दिन चढ़ने के साथ ही बूथों पर मतदाताओं की कतारें देखी जा रही हैं, लेकिन इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की निरंतर फ्लैग मार्च जारी है ताकि मतदान समाप्त होने तक शांति बनी रहे।
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