Lucknow: यक्ष ऐप से बदली यूपी पुलिसिंग की तस्वीर: 90 दिनों में कई संगीन अपराधों का खुलासा।

यूपी पुलिस का यक्ष एप अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेलने में अहम भूमिका निभा रहा है। यक्ष एप ने महज 90 दिनों में एक दर्जन

By INA News Desk
Apr 10, 2026 - 19:31
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Lucknow: यक्ष ऐप से बदली यूपी पुलिसिंग की तस्वीर: 90 दिनों में कई संगीन अपराधों का खुलासा।
यक्ष ऐप से बदली यूपी पुलिसिंग की तस्वीर: 90 दिनों में कई संगीन अपराधों का खुलासा।
  • योगी सरकार का यक्ष एप स्मार्ट पुलिसिंग को दे रहा "धार"
  • - महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक मामलों का किया खुलासा, अपराध नियंत्रण में आई तेजी
  • - कुछ घंटों में दो लूट का किया खुलासा, अपहरण केस में चौंकाने वाला सच आया सामने
  • - सीसीटीवी और डिजिटल डाटा से तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही पुलिस
  • - आगरा में बुजुर्ग को झूठे आरोप से बचाया, असली आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ: यूपी पुलिस का यक्ष एप अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेलने में अहम भूमिका निभा रहा है। यक्ष एप ने महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक अपराधिक घटनाओं का खुलासा कर अपराध नियंत्रण पर स्मार्ट पुलिसिंग को नया आयाम दिया है। एप के जरिये अपहरण, हत्या, लूट, चोरी जैसे गंभीर अपराधों का खुलासा किया है। यक्ष ऐप की मदद से पुलिस न केवल तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही है, बल्कि घटनाओं के खुलासे का समय भी काफी कम हुआ है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग को नई दिशा देने के लिए  “पुलिस मंथन” कार्यक्रम में यक्ष एप को लांच किया था। 

  • एप ने किया कुछ घंटों में दो लूट का खुलासा, अपहरण की गुत्थी को सुलझाया

डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप स्मार्ट पुलिसिंग के तहत यक्ष एप को लांच किया गया था। यक्ष ेएप में प्रदेश के अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस, सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन आधारित मैपिंग और एनालिटिकल टूल्स जैसी सुविधाएं दी गई हैं। पहले जहां विवेचकों को “विलेज क्राइम नोट बुक” जैसे पारंपरिक रजिस्टर पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में अपराधियों की पूरी हिस्ट्री सामने आ जाती है। डीजीपी ने बताया कि हरदोई में दर्ज अपहरण के एक मामले में यक्ष ऐप ने चौंकाने वाला सच सामने लाया। जांच में पता चला कि कथित अपहृत व्यक्ति पिछले ढाई साल से जेल में बंद था। इसी तरह जौनपुर में 11 मार्च 2026 को जन सेवा केंद्र संचालक के साथ हुई लूट की घटना का खुलासा कुछ ही घंटों में कर लिया गया। पुलिस ने यक्ष एप के माध्यम से 42–43 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिससे संदिग्धों की पहचान और लोकेशन ट्रैक हुई। इसके बाद मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और करीब 1.30 लाख नकद बरामद किया गया। इसके अलावा राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में एक घंटे के अंतराल पर हुई दो लूट की घटनाओं का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया। यक्ष एप के जरिए आरोपियों की पहचान, मोबाइल लोकेशन और गतिविधियों का विश्लेषण कर पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया। इतना ही नहीं रायबरेली में यक्ष एप की मदद से 8 सदस्यीय अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश हुआ। एप के डाटाबेस और जियो-टैगिंग के जरिए पुलिस को आरोपियों का आपराधिक इतिहास मिला, जिससे योजनाबद्ध कार्रवाई कर सभी को गिरफ्तार किया गया।

  • झूठे आरोप से बुजुर्ग को बचाया

बरेली में सास और साले की हत्या के आरोपी को पकड़ने में भी यक्ष ने अहम भूमिका निभाई। आरोपी का फोटो और रिकॉर्ड एप से मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आगरा में एक बुजुर्ग व्यक्ति को झूठे छेड़छाड़ के आरोप से बचाने में भी एप उपयोगी साबित हुआ। सीसीटीवी फुटेज और फेस रिकग्निशन के जरिए असली आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। मेरठ, हाथरस, फर्रुखाबाद, कानपुर और गोंडा जैसे जिलों में यक्ष के जरिए कई चोरी और जेबकतरी गैंग का खुलासा हुआ। मेरठ में जेबकतरा गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार किये गये, हाथरस में आभूषण चोरी का आरोपी ट्रेस, कानपुर में ज्वैलरी दुकान से चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ और गोंडा में स्कूलों में हो रही चोरी का खुलासा एप ने किया। 
 
यह है एप की विशेषताएं

  • पुलिस इकाइयों के लिए उपलब्ध प्रदेशव्यापी अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस
    - त्वरित साक्ष्य संकलन के लिए सीसीटीवी कैमरों का स्थान आधारित मानचित्रण
    - प्रत्येक अपराधी को दिया गया यूनिक क्रिमिनल आईडी, जिससे जिलों के बीच सूचनाओं का सहज आदान-प्रदान संभव
    - सटीक पहचान के लिए अपराधियों के मल्टी-एंगल फोटोग्राफिक रिकॉर्ड

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