Political News: दशहरे पर ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाने को लेकर सियासत तेज, बर्क का BJP पर हमला; बोले—पुलिस के दम पर आवाज नहीं दबा सकती सरकार
सम्भल: दशहरे पर रावण के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए जाने को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: दशहरे पर रावण के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए जाने को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर देश में ऐसे हालात क्यों पैदा हो रहे हैं कि लोग विरोध जताने के लिए इस तरह के कदम उठा रहे हैं?
बर्क ने आरोप लगाया कि वोट काटने और संवैधानिक अधिकारों को छीनने की कोशिशों से जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि दशहरा हिंदू समाज का त्योहार है और अगर इसी दिन रावण के पुतले के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी जलाया जा रहा है, तो यह लोगों की नाराजगी को दिखाता है।
- प्रदर्शन रोक सकते हैं, आवाज नहीं दबा सकते
सपा सांसद ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पुलिस के दम पर लोगों के प्रदर्शन और उनकी आवाज दबाना चाहती है, लेकिन यह उसकी गलतफहमी है। बर्क के मुताबिक, लोगों को सड़कों पर उतरने से रोका जा सकता है, मगर उनके गुस्से और आवाज को दबाना आसान नहीं है।
- चुनाव में जनता देगी जवाब
जियाउर्रहमान बर्क ने दावा किया कि जनता के भीतर बीजेपी के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब मिलेगा। उन्होंने पुतले जलाने की घटनाओं को लोगों के गुस्से का संकेत बताते हुए चुनावी प्रक्रिया और वोट काटने के आरोपों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। अब बर्क के इस बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। सवाल यही है कि वोटों की कटौती के आरोप और जनता की नाराजगी का मुद्दा आने वाले चुनाव में कितना असर दिखाएगा?
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