Udham Singh Nagar: पुलिस महानिरीक्षक कुमायूं ने सभी अधिकारियों के साथ की मीटिंग।
पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र, नैनीताल रिद्धिम अग्रवाल द्वारा पुलिस लाइन रुद्रपुर, ऊधमसिंहनगर में कुमायूँ परिक्षेत्र के
ब्यूरो चीफ:आमिर हुसैन
उधमसिंह नगर: पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र, नैनीताल रिद्धिम अग्रवाल द्वारा पुलिस लाइन रुद्रपुर, ऊधमसिंहनगर में कुमायूँ परिक्षेत्र के समस्त जनपद प्रभारियों के साथ परिक्षेत्रीय मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के दौरान द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
वर्ष 2015 से पूर्व के एनडीपीएस एक्ट के मामलों एवं मालों के विधिक निस्तारण की समीक्षा करते हुए शीघ्र एवं समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वर्ष 2024 एवं उससे पूर्व से दाखिल वाहनों के निस्तारण में प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए शीघ्र निस्तारण निर्देशित किया गया। 02 से 03 वर्ष एवं 03 वर्ष से अधिक समय से लंबित/पार्ट पेंडिंग पुनः विवेचनाओं की समीक्षा कर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
लैण्ड फ्रॉड समिति/राजपत्रित अधिकारी की संस्तुति के पश्चात दर्ज अभियोगों में अन्तिम रिपोर्ट की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन एवं विवेचना की पारदर्शिता की समीक्षा की गई। न्यायालय के आदेश अथवा बिना संस्तुति दर्ज अभियोगों में अन्तिम रिपोर्ट की वैधानिकता एवं प्रक्रियात्मक शुद्धता पर विशेष बल दिया गया ऑपरेशन स्माइल के अन्तर्गत गुमशुदा/लापता व्यक्तियों की बरामदगी हेतु तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए।
अज्ञात शवों की शिनाख्त प्रभावी कार्यवाही एवं अन्तरजनपदीय समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया। वांछित एवं ईनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी सघन अभियान चलाने तथा आवश्यकतानुसार कुर्की/घोषणा की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये NAFIS एवं MCU में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा कर तकनीकी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। धारा 107 BNSS, धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट, 68(क) NDPS एवं PIT NDPS के अन्तर्गत सम्पत्ति जब्तीकरण की कार्यवाही की समीक्षा की गई। वर्ष 2025 एवं 2026 में धारा 111 एवं 112 BNS के अन्तर्गत की गई कार्यवाही की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। पुलिस मुख्यालय तथा परीक्षेत्रीय कार्यालय से चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा के संबंध में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। पुलिस कार्मिकों के ऑनलाईन एसीआर, जीपीएफ, चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसंपर्क, विवेचना गुणवत्ता आदि की समीक्षा कर आवश्यक सुधार निर्देश दिए गए। बीट पुलिसिंग को आधारभूत पुलिसिंग का मुख्य स्तंभ मानते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए जाने निर्देशित किया गया। बीट आरक्षियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण, स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद, संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन की कार्यवाही को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही बीट सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए अपराध की रोकथाम में इसकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। केस ऑफिसर स्कीम के अंतर्गत मा० न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण एवं चिन्हित प्रकरणों की प्रभावी पैरवी हेतु केस ऑफिसरों एवं अभियोजन तंत्र के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
ऐसे प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, जिससे दोषियों को शीघ्र दंडित कराया जा सके एवं न्याय प्रणाली में आमजन का विश्वास सुदृढ़ हो।
गोष्ठी के दौरान पुलिस महानिरीक्षक महोदया द्वारा सभी जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित समाधान, अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जाए।
अंत में, सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, उत्तरदायित्व एवं जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मन्जूनाथ टीसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा चन्द्रशेखर घोड़के, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रहलाद कोंडे, पुलिस अधीक्षक चम्पावत श्रीमती रेखा यादव, पुलिस अधीक्षक बागेश्वर जितेन्द्र कुमार मेहरा, पुलिस अधीक्षक अपराध ऊधमसिंहनगर जितेन्द्र सहित अन्य जनपदों के राजपत्रित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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