Sambhal News: सम्भल में आजाद समाज पार्टी का चुनावी ऐलान, शहजाद खां बोले— चंदौसी, असमोली और सम्भल जीतेंगे, गठबंधन की जरूरत नहीं!
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आजाद समाज पार्टी ने सम्भल जिले में अपनी चुनावी तैयारियों को लेकर बड़ा दावा किया
उवैस दानिश, सम्भल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आजाद समाज पार्टी ने सम्भल जिले में अपनी चुनावी तैयारियों को लेकर बड़ा दावा किया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष शहजाद खां ने चंदौसी, असमोली और सम्भल विधानसभा सीटों पर जीत का भरोसा जताते हुए साफ कहा कि उनकी पार्टी का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से है और चुनाव जीतने के लिए किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है। उन्होंने दलित, मुस्लिम और पिछड़े समाज के वोटों को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताया।
शहजाद खां ने चंदौसी को पार्टी की पहली प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यहां से बाबू रमेश कुमार गंधर्व को प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है। असमोली में 21 तारीख के बाद प्रत्याशी की घोषणा होने की बात कही, जबकि सम्भल सीट पर भी जल्द उम्मीदवार तय करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि तीनों विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी चुनाव की तैयारी कर रही है।
- दलित-मुस्लिम-पिछड़ा गठबंधन ही हमारी ताकत
बिना गठबंधन चुनाव जीतने के सवाल पर जिलाध्यक्ष ने नगीना लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि दलित, मुस्लिम और ओबीसी समाज के समर्थन से चंद्रशेखर आजाद संसद पहुंचे। उनका दावा है कि यही सामाजिक समीकरण सम्भल जिले की विधानसभा सीटों पर भी पार्टी को मजबूती देंगे। उन्होंने चंदौसी और असमोली में विभिन्न समुदायों के मतदाताओं के आंकड़े गिनाते हुए जीत की संभावनाएं जताईं।
- चंद्रशेखर आजाद ने सम्भल के मुसलमानों की आवाज उठाई: शहजाद
शहजाद खां ने दावा किया कि सम्भल में दो साल पहले हुए घटनाक्रम के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने संसद में मुस्लिम समुदाय के साथ हुई कथित नाइंसाफी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने अन्य विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी दलित, मुस्लिम और पिछड़े समाज के मुद्दों पर जमीन पर संघर्ष करती है।
- शिक्षा, रोजगार और धार्मिक आस्था होंगे चुनावी मुद्दे
जिलाध्यक्ष ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करने को पार्टी के प्रमुख मुद्दे बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विकास के बजाय धर्मवाद के नाम पर राजनीति कर रही है। अब देखना होगा कि आजाद समाज पार्टी के ये चुनावी दावे सम्भल की तीनों विधानसभा सीटों पर कितने असरदार साबित होते हैं और पार्टी का संगठन अपने दावों को वोटों में कितना बदल पाता है।
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