Sitapur: गुरु पूर्णिमा पर नैमिषारण्य में उमड़ा आस्था का सैलाब, वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु पूजन से गूंजा तीर्थ क्षेत्र 

विश्व विख्यात तीर्थ नगरी नैमिषारण्य में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया

Jul 29, 2026 - 17:06
 0  3
Sitapur: गुरु पूर्णिमा पर नैमिषारण्य में उमड़ा आस्था का सैलाब, वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु पूजन से गूंजा तीर्थ क्षेत्र 
गुरु पूर्णिमा पर नैमिषारण्य में उमड़ा आस्था का सैलाब, वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु पूजन से गूंजा तीर्थ क्षेत्र 

रिपोर्ट- सुरेंद्र मोठी, संवाददाता नैमिषारण्य

नैमिषारण्य/सीतापुर। विश्व विख्यात तीर्थ नगरी नैमिषारण्य में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। 88 हजार ऋषि-मुनियों की तपोभूमि माने जाने वाले इस पवित्र धाम में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रोच्चार, गुरु पूजन, सत्संग, भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं एवं शिष्यों ने अपने-अपने गुरुओं के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

तीर्थ क्षेत्र स्थित व्यास गद्दी, सूत गद्दी, स्वामी नारदानंद आश्रम, पहला आश्रम, त्रिशक्ति धाम सहित अनेक प्रमुख आश्रमों एवं धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजन-अर्चन और यज्ञ संपन्न हुए। संत-महात्माओं के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने गुरु महिमा का गुणगान किया तथा आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन भूमि पर महर्षि वेदव्यास ने चारों वेदों एवं पुराणों का संकलन किया था तथा अपने परम शिष्य सूत जी को दिव्य ज्ञान प्रदान किया। माना जाता है कि सूत जी ने यहीं सर्वप्रथम 88 हजार ऋषियों को गुरु बृहस्पति एवं श्री सत्यनारायण कथा का श्रवण कराया था। यही स्थान आज सूत गद्दी के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी गुरु पूजन एवं श्री सत्यनारायण कथा का आयोजन किया। अनेक परिवारों ने साधु-संतों, ब्राह्मणों, निर्धन एवं जरूरतमंद लोगों तथा कन्याओं को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दी और धर्म परंपरा का निर्वहन किया।

तीर्थ क्षेत्र के गोमती राजघाट तथा माँ ललिता देवी मंदिर परिसर में ब्राह्मणों एवं बटुकों द्वारा वैदिक विधि-विधान से श्री सत्यनारायण कथा एवं विशेष अनुष्ठान संपन्न कराए गए। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम माँ ललिता देवी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और खुशहाली की कामना की।
पूरे नैमिषारण्य क्षेत्र में मंदिरों से गूंजते घंटा-घड़ियाल, शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और सत्संग ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सतयुग का दिव्य वातावरण पुनः साकार हो उठा हो। श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण ने तीर्थ क्षेत्र की गरिमा को और अधिक गौरवान्वित किया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहा। मंदिरों के प्रवेश एवं निकास द्वारों सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, सुचारु यातायात प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए।

Also Read- मां विंध्यवासिनी के दरबार पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, विधिवत पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।