- Sambhal News: कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को बम से उड़ाने की धमकी, अमेरिकी नंबर से आया संदेश
- ]Kalki Dham Security: आचार्य प्रमोद कृष्णम को मिली धमकी के बाद सुरक्षा बढ़ाने की मांग, ट्रस्ट ने एसपी संभल और डीजीपी को भेजा पत्र
- UP Crime: 'जिंदगी के कुछ ही दिन बचे हैं', आचार्य प्रमोद कृष्णम को धमकी भरा वॉयस मैसेज; जांच में जुटी पुलिस
उत्तर प्रदेश के संभल स्थित श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से मारने और बम विस्फोट कर उड़ाने की गंभीर धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर की देर रात उनके निजी मोबाइल नंबर पर एक विदेशी नंबर से ऑडियो संदेश भेजा गया, जिसमें उन्हें अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई है।
धमकी भरे इस संदेश के सामने आने के बाद श्री कल्कि धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष उमा रमण त्रिपाठी की ओर से पुलिस अधीक्षक संभल को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र भेजा गया है। पत्र में धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कुलवीर सिंह सिद्धू के रूप में बताई गई है और उसके प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े होने का गंभीर दावा किया गया है। ट्रस्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और पीठाधीश्वर सहित धाम परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने की मांग की है।
- विदेशी नंबर से आया ऑडियो संदेश और धमकी की सामग्री
आचार्य प्रमोद कृष्णम के अनुसार, 24 सितंबर की रात उनके व्यक्तिगत फोन पर संयुक्त राज्य अमेरिका के कंट्री कोड वाले नंबर (+1 216-253-1406) से एक वॉयस मैसेज प्राप्त हुआ। इस ऑडियो संदेश में बात करने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताते हुए सीधे तौर पर धमकी भरे लहजे में बात की।
संदेश में कहा गया कि वे अपना कथित प्रचार और गतिविधियां तुरंत बंद कर दें, अन्यथा उन्हें किसी भी दिन जान से मार दिया जाएगा। संदेश भेजने वाले ने यहां तक कहा कि उनकी जिंदगी के अब बहुत कम दिन बचे हैं। इसके साथ ही ऑडियो में श्री कल्कि धाम या संबंधित स्थल पर बम विस्फोट करने की धमकी भी शामिल होने की बात कही गई है। इस तरह के सीधे हमले और विस्फोट की चेतावनी मिलने से संस्थान और उनसे जुड़े अनुयायियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न हो गई है।
- पुलिस प्रशासन को भेजा गया औपचारिक पत्र और उच्चाधिकारियों को सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री कल्कि धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष उमा रमण त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक संभल को लिखित शिकायत प्रेषित की है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि जिस विदेशी मोबाइल नंबर से ऑडियो संदेश आया है, उसकी उच्चस्तरीय साइबर और तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही कॉल करने वाले व्यक्ति के संदिग्ध आतंकी संपर्कों की गहनता से पड़ताल की जाए।
संभल पुलिस अधीक्षक के अलावा इस पत्र की प्रतिलिपियां उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुरक्षा (ADG Security) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था (ADG Law & Order) को भी भेजी गई हैं। ट्रस्ट ने राज्य सरकार और गृह विभाग से अनुरोध किया है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम की आवाजाही और संभल स्थित श्री कल्कि धाम परिसर में श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता और कड़े प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
- पहले भी बयानों और सनातन मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं आचार्य
आचार्य प्रमोद कृष्णम देश के प्रमुख धार्मिक और समकालीन राजनीतिक परिदृश्य में एक मुखर व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। संभल में बन रहे भव्य श्री कल्कि धाम के निर्माण को लेकर वे लगातार राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं। उनके सनातन धर्म, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैचारिक मुद्दों पर दिए जाने वाले स्पष्ट बयानों के चलते वे अक्सर विभिन्न हलकों में चर्चा का केंद्र बने रहते हैं।
धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ उनके व्यापक दौरों को देखते हुए पहले भी उनकी सुरक्षा को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाती रही है। हालांकि, विदेशी नंबर से आतंकी संगठन का नाम लेकर दी गई इस सीधी धमकी को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से ले रही हैं।
- साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियों की प्रारंभिक जांच
शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और साइबर सर्विलांस सेल सक्रिय हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस अमेरिकी वर्चुअल या अंतरराष्ट्रीय नंबर का उपयोग ऑडियो भेजने के लिए किया गया है, उसके आईपी एड्रेस, रूटिंग और मूल स्रोत का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। आमतौर पर असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए इंटरनेट आधारित कॉलिंग ऐप्स या वर्चुअल नंबर्स (VoIP) का सहारा लेते हैं।
जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर विधिक प्रक्रिया शुरू की जा रही है और तथ्यों की सत्यता की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह किसी शरारती तत्व द्वारा दहशत फैलाने की साजिश है या इसके पीछे वास्तव में कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार अग्रिम सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं।