'कल बच्चों को बेरहमी से मारा गया': आरएमएल अस्पताल पहुंचे अरविंद केजरीवाल, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर केंद्र सरकार को घेरा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरएमएल अस्पताल पहुंचकर जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल छात्रों से मुलाकात की और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
- Arvind Kejriwal RML Hospital Visit: जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल छात्रों से मिले अरविंद केजरीवाल, बोले- लाठीचार्ज लोकतंत्र के खिलाफ
- घायल छात्रों से मिलने RML अस्पताल पहुंचे अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान, पुलिस कार्रवाई पर जताई कड़ी नाराजगी
- दिल्ली: RML अस्पताल में घायल छात्रों से मिलने के बाद बोले अरविंद केजरीवाल- "कल बच्चों को बेरहमी से मारा गया"
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों और युवाओं से मुलाकात की। अस्पताल में भर्ती छात्रों का हाल-चाल जानने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "कल बच्चों को बेरहमी से मारा गया, जो बेहद दुखद और निंदनीय है।" केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर इस तरह की पुलिसिया सख्ती लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस दौरे के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए बड़े छात्र आंदोलन और संसद मार्च के प्रयास के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी धक्का-मुक्की देखने को मिली थी। इस दौरान कई छात्र व प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए पास के आरएमएल (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पार्टी पदाधिकारियों के साथ घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने भर्ती छात्रों और उनके परिजनों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और बाद में केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस के रवैये पर तीखे सवाल खड़े किए।
जंतर-मंतर पर सोमवार को परीक्षा में धांधली और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों द्वारा संसद मार्च निकालने का आह्वान किया गया था। सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और अफरा-तफरी के बीच कई युवा चोटिल हो गए।
मंगलवार को अस्पताल का दौरा करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के युवा कोई अपराधी नहीं हैं, जो उनके साथ ऐसा सलूक किया जाए। वे केवल अपने उज्ज्वल भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। केजरीवाल ने अस्पताल प्रशासन से घायलों के समुचित और त्वरित इलाज की मांग की। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी पार्टी हर कानूनी और नैतिक मोर्चे पर इन छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
इस संवेदनशील मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी/प्रशासन के बीच तीखा वाकयुद्ध शुरू हो गया है:
अरविंद केजरीवाल व आप का पक्ष: केजरीवाल ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा, "छात्रों पर लाठी चलाना या उनके साथ मारपीट करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। सरकार को इन युवाओं की मांगें सुननी चाहिए, न कि प्रशासनिक ताकत का इस्तेमाल कर उनकी आवाज दबानी चाहिए।"
भाजपा व दिल्ली पुलिस का रुख: वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं और पुलिस प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संसद के अति-सुरक्षित क्षेत्र की ओर बिना अनुमति बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए संयमित कार्रवाई की गई थी। भाजपा नेताओं ने आप पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और माहौल बिगाड़ने का भी आरोप लगाया।
अरविंद केजरीवाल के आरएमएल अस्पताल पहुंचने और इस तीखे बयान के बाद दिल्ली में छात्र राजनीति और ज्यादा गरमा गई है। विभिन्न छात्र संगठनों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन को और तेज करने के संकेत दिए हैं। वहीं, दिल्ली में मानसून सत्र के दौरान संसद के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर हंगामा होने की पूरी संभावना है।
आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि वह घायल छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन सौंपेगी। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने अस्पताल और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।
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