जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चंद्रशेखर आजाद: लोकतंत्र में विरोध की आवाज को लाठियों से नहीं कुचला जा सकता

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता।

Jul 21, 2026 - 14:17
 0  16
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चंद्रशेखर आजाद: लोकतंत्र में विरोध की आवाज को लाठियों से नहीं कुचला जा सकता
  • Chandrashekhar Azad Statement: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भड़के चंद्रशेखर आजाद, दिया तीखा बयान
  • जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई पर चंद्रशेखर आजाद का बड़ा हमला, कहा- लोकतंत्र में विरोध को लाठियों से नहीं कुचल सकते
  • दिल्ली: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का बयान, सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र सरकार और प्रशासन पर जोरदार हमला बोला है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को रोके जाने और पुलिस बल प्रयोग की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "लोकतंत्र में विरोध को लाठियों से नहीं कुचला जा सकता है।" चंद्रशेखर आजाद ने यह बयान युवाओं और आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन करते हुए दिया है। संसद के मानसून सत्र के दौरान आए इस तीखे बयान ने राजधानी के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इस मामले पर अब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच वाकयुद्ध और तेज होने के आसार हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान जब आंदोलनकारियों ने संसद की तरफ रुख करने का प्रयास किया या मुख्य मार्गों पर एकत्र हुए, तो सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कड़ी नाकेबंदी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तथा तीखी नोकझोंक हुई। इसी कार्रवाई के विरोध में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बयान जारी कर सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की है।

सोमवार और मंगलवार को जंतर-मंतर पर युवाओं और विभिन्न छात्र गुटों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। संसद के जारी सत्र को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, तो सुरक्षा बलों ने उन्हें वहीं रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें आईं।

इस घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने और विरोध दर्ज कराने का मौलिक अधिकार देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लाठियों और दमनकारी नीतियों के बल पर जनता तथा छात्रों की जायज मांगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

चंद्रशेखर आजाद के इस सख्त तेवर के बाद राजनीतिक मंच पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है:

चंद्रशेखर आजाद एवं विपक्षी नेताओं का पक्ष: चंद्रशेखर आजाद के अलावा अन्य विपक्षी सांसदों ने भी पुलिस की कथित सख्ती पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज सुनने के बजाय सरकार प्रशासनिक ताकत का इस्तेमाल कर रही है। विपक्ष ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों की समस्याओं का संवाद के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।

सत्ता पक्ष और प्रशासन का रुख: सत्ताधारी दल के प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन का तर्क है कि लोकतंत्र में प्रदर्शन की स्वतंत्रता है, लेकिन कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने या अति-सुरक्षित क्षेत्रों (जैसे संसद परिसर) में जबरन घुसने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों ने केवल कानून और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए न्यूनतम और आवश्यक कदम उठाए हैं।

सांसद चंद्रशेखर आजाद के इस बयान के बाद जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को एक नई राजनीतिक धार मिली है। इस मुद्दे के कारण संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, युवाओं और विभिन्न नागरिक संगठनों के बीच इस बयान की व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में प्रदर्शनकारियों की लामबंदी और बढ़ सकती है।

चंद्रशेखर आजाद ने संकेत दिए हैं कि यदि प्रदर्शनकारियों पर प्रशासनिक दमन इसी तरह जारी रहा, तो वे स्वयं सड़क पर उतरकर युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। प्रशासन स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है ताकि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।

Also Read- CM Yogi Sambhal Visit: संभल को 550 करोड़ की सौगात देंगे सीएम योगी, 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग का शिलान्यास

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।