CM Yogi Sambhal Visit: संभल को 550 करोड़ की सौगात देंगे सीएम योगी, 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग का शिलान्यास
CM Yogi Sambhal Visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संभल को 550 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे, जिसमें 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग भी शामिल है.
- Yogi Adityanath Sambhal Tour: सीएम योगी का संभल दौरा, 550 करोड़ की विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण
- संभल को धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर चमकाएंगे सीएम योगी, 550 करोड़ की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात
- सीएम योगी का संभल दौरा: 550 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग की सौगात
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी शनिवार को संभल जनपद के बड़े दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरान सीएम योगी संभल को सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए करीब 550 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इस महापरियोजना का मुख्य आकर्षण 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 52 किलोमीटर लंबा 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग है, जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री के हाथों संपन्न होगा. इसके साथ ही पर्यटन विभाग और वंदन योजना के तहत संभल के ऐतिहासिक तीर्थों के कायाकल्प की शुरुआत भी की जाएगी. मुख्यमंत्री के इस कदम से न केवल क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी एक नई दिशा मिलेगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संभल दौरा जिले के ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित करने के संकल्प का हिस्सा है. इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कुल 550 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की नींव रखेंगे और कई पूरी हो चुकी परियोजनाओं को जनता को समर्पित करेंगे. शासन की मंशा संभल की ऐतिहासिक पहचान को विश्व पटल पर लाने की है. इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत धार्मिक स्थलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम अनुभव मिल सके.
संभल में पिछले दिनों हुए घटनाक्रमों के बाद विकास की यह बयार काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे पहले 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री 7 अगस्त 2025 को संभल आए थे. उस समय उन्होंने जिले के सर्वांगीण विकास और सभी 68 पौराणिक तीर्थों के कायाकल्प का वादा किया था. अपने उस वादे को एक साल पूरा होने से पहले ही निभाते हुए मुख्यमंत्री दोबारा संभल की धरती पर कदम रख रहे हैं.
इस बार का कार्यक्रम विशेष रूप से धार्मिक और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित है. 550 करोड़ रुपये के कुल बजट में से अकेले 300 करोड़ रुपये संभल के ऐतिहासिक 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग पर खर्च किए जा रहे हैं. 52 किलोमीटर लंबा यह मार्ग नवनिर्माण के बाद श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को बेहद सुगम बनाएगा. इसके अलावा पर्यटन विभाग और राज्य सरकार की 'वंदन योजना' के तहत संभल के कुल 68 प्राचीन तीर्थों में से 4 सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को पहले चरण में चुना गया है, जहां भव्य विकास कार्य कराए जाएंगे. इनमें सड़कों का चौड़ीकरण, पेयजल सुविधाएं, विश्राम गृह और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था शामिल हैं.
इस वृहद विकास कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और स्थानीय प्रशासन में भारी उत्साह है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि संभल को दशकों तक राजनीतिक उपेक्षा का शिकार होना पड़ा था, लेकिन योगी सरकार ने इसके पौराणिक महत्व को समझा है और 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग का निर्माण इस क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा.
दूसरी तरफ, विपक्ष का कहना है कि सरकार को धार्मिक परियोजनाओं के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के रोजगार, शिक्षा और बंद पड़े उद्योगों को शुरू करने पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए. प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस महानिरीक्षक और जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.
सीएम योगी के इस दौरे और 550 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश का संभल के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने पर गहरा प्रभाव पड़ेगा. 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के बनने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. होटल व्यवसाय, परिवहन, छोटे दुकानदार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इसके साथ ही, संभल जो अब तक केवल क्षेत्रीय स्तर पर ही धार्मिक महत्व रखता था, वह अब मथुरा-काशी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन सर्किट का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर सकता है. इससे जिले की छवि में सकारात्मक बदलाव आएगा.
मुख्यमंत्री द्वारा इन परियोजनाओं के शिलान्यास के बाद जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के सामने तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने की चुनौती होगी. शासन स्तर से इन कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि गुणवत्ता में कोई कमी न रहे. पहले चरण में चुने गए 4 प्रमुख तीर्थों के सफल विकास के बाद, सरकार की योजना शेष तीर्थ स्थलों को भी चरणबद्ध तरीके से इस योजना में शामिल करने की है. आने वाले समय में संभल के बुनियादी ढांचे और पर्यटन हब के रूप में इसके विकास की गति और तेज होने की पूरी संभावना है.
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