Punjab Police Inspector Arrested: FBI के इनपुट पर पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन, इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा गिरफ्तार
Punjab Police Inspector Arrested: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के इनपुट पर पंजाब पुलिस ने पूर्व SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार किया है. उन पर अमेरिका में रंगदारी नेटवर्क चलाने का आरोप है.
- Punjab Police News: अमेरिका में 4 लाख डॉलर की रंगदारी का मामला, गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े तार, पूर्व SHO अरेस्ट
- FBI के इनपुट से हड़कंप: पंजाब पुलिस ने अपने ही इंस्पेक्टर को किया अरेस्ट, अमेरिका में रंगदारी मांगने का आरोप
- पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई: FBI के इनपुट के बाद पूर्व SHO इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने अपनी ही फोर्स के एक सेवारत अधिकारी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है. अमेरिकी जांच एजेंसी FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) से मिले बेहद संवेदनशील इनपुट के बाद पंजाब पुलिस ने तांडा के पूर्व थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी इंस्पेक्टर पर कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के गिरोह के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के परिवारों (NRIs) से 4 लाख डॉलर की मोटी रंगदारी मांगने के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है. पुलिस द्वारा कराई गई एक उच्च स्तरीय विभागीय जांच में ठोस साक्ष्य सामने आने के बाद शनिवार को यह गिरफ्तारी की गई है. इस मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए तफ्तीश तेज कर दी गई है.
यह मामला खाकी और जरायम की दुनिया के बीच उस खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है, जिसकी गूंज सात समंदर पार अमेरिका तक सुनाई दी है. पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ इंस्पेक्टर पर आरोप लगा है कि वह पंजाब की जेलों और विदेश से अपना नेटवर्क चला रहे कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के संपर्क में था. विभागीय जांच रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के मुताबिक, आरोपी पुलिस अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस आपराधिक सिंडिकेट को खुफिया जानकारी और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करा रहा था. इसी सांठगांठ के आधार पर अमेरिका में रहने वाले संपन्न भारतीय परिवारों को निशाना बनाया जा रहा था.
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय मूल के व्यवसायियों और परिवारों को आने वाली धमकियों और रंगदारी की कॉल्स की जांच शुरू की. तफ्तीश के दौरान यह बात सामने आई कि अमेरिका में रह रहे पीड़ितों से लगभग 4 लाख अमेरिकी डॉलर की रंगदारी मांगी जा रही थी और पैसे न देने पर पंजाब में मौजूद उनके रिश्तेदारों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं.
FBI ने जब डिजिटल फुटप्रिंट्स और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाला, तो इसके तार पंजाब के तांडा में तैनात तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा से जुड़े पाए गए. अमेरिकी एजेंसी ने तुरंत इन पुख्ता डिजिटल साक्ष्यों को भारतीय जांच एजेंसियों और पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ साझा किया. इनपुट मिलते ही पंजाब पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और गोपनीय तरीके से आंतरिक विभागीय जांच बिठाई. जांच टीम ने पाया कि इंस्पेक्टर नागरा लगातार गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के गुर्गों के संपर्क में था और इस रंगदारी रैकेट को सुचारू रूप से चलाने में मदद कर रहा था. साक्ष्य पुख्ता होते ही पुलिस ने नागरा को हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया.
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) कार्यालय से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि विभाग में भ्रष्टाचार या किसी भी तरह के आपराधिक गठजोड़ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे दोषी कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि कानून सबके लिए समान है.
दूसरी ओर, इस मामले में आरोपी बनाए गए इंस्पेक्टर के कानूनी प्रतिनिधियों का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से शुरुआती जांच पर आधारित हैं और अदालत में वे अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे. कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के सिंडिकेट पर पुलिस पहले से ही शिकंजा कस रही है और जेल प्रशासन भी इस बात की जांच कर रहा है कि जेल के भीतर से यह नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था.
इस अंतरराष्ट्रीय जबरन वसूली रैकेट के भंडाफोड़ और पुलिस अधिकारी की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठ रहे हैं कि कैसे एक थाना प्रभारी इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा बना रहा और स्थानीय स्तर पर इसकी भनक नहीं लगी. इसके अलावा, इस कार्रवाई से अमेरिका और अन्य देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों (NRIs) के बीच एक बड़ा संदेश गया है कि भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय इनपुट पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने में सक्षम हैं. हालांकि, इस घटना ने पुलिस की छवि को भी तगड़ा झटका दिया है.
गिरफ्तारी के बाद पूर्व SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को अदालत में पेश किया जा रहा है, जहां पुलिस उनकी अधिकतम रिमांड की मांग करेगी. जांच टीम का मुख्य उद्देश्य अब यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क में पुलिस विभाग के कुछ अन्य निचले या उच्च अधिकारी भी शामिल हैं या नहीं. साथ ही, रंगदारी की रकम के लेन-देन (मनी ट्रेल) को ट्रैक करने के लिए वित्तीय जांच एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है. पुलिस जग्गू भगवानपुरिया से भी इस मामले में जेल के भीतर जाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय रैकेट को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके.
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