सुन लो अखिलेश यादव जी, राहुल गांधी जी - ये चंद्रशेखर आज़ाद अब UP चुनाव में... रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद पर किया बड़ा दावा
चंद्रशेखर आजाद ने अभी तक इस नए ऑडियो पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, अक्टूबर 2025 में रोहिणी द्वारा जारी एक अन्य ऑडियो पर उन्होंने जवाब दिया था। टीवी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद गरमा रहा है। भीम आर्मी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर उनकी पूर्व सहयोगी डॉक्टर रोहिणी घावरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप जारी की है, जिसमें चंद्रशेखर की आवाज बताई जा रही है। इस ऑडियो में वे कथित रूप से कहते सुनाई देते हैं कि वे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा का साथ देंगे। यह ऑडियो 24 नवंबर 2025 को वायरल हुआ और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। राजनीतिक गलियारों में इसे दलित वोट बैंक को प्रभावित करने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए।
अब यह नया ऑडियो क्लिप विवाद को नई ऊंचाई दे रहा है। रोहिणी ने अपने एक्स हैंडल @DrRohinighavari पर 24 नवंबर को यह क्लिप पोस्ट की। पोस्ट में उन्होंने लिखा, "समाजवादी पार्टी की खाल उतारूंगा, कांग्रेस को नेस्तनाबूद करूंगा और भाजपा का साथ दूंगा। जो शख्स सांसद बनने के लिए अपने महापुरुषों का आंदोलन ही बेच दे, वो समाज का भला क्या करेगा? सुन लो अखिलेश यादव जी, राहुल गांधी जी—ये चंद्रशेखर आजाद अब यूपी चुनाव में तुम्हें हराने के लिए पूरी ताकत से भाजपा के साथ खड़ा होगा। 26 नवंबर जैसी सैकड़ों रैलियां कराएगी भाजपा, सिर्फ दलित वोट काटने के लिए। समाज जागो, ये खेल बहुत गहरा है।" ऑडियो में चंद्रशेखर कथित रूप से कहते हैं, "इस चुनाव में जो मेरे खिलाफ जाएगा, चाहे वो समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस, उसकी खाल उतारूंगा। चाहे मुझे भाजपा की ही मदद क्यों न करनी पड़े।" यह क्लिप करीब 30 सेकंड की है और सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज बटोर चुकी है।
दैनिक भास्कर की 25 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, रोहिणी ने इस ऑडियो को चंद्रशेखर की कॉल रिकॉर्डिंग बताया है। उन्होंने दावा किया कि यह बातचीत हाल ही की है, जब चंद्रशेखर उत्तर प्रदेश चुनावों की रणनीति पर चर्चा कर रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहिणी ने चंद्रशेखर को टैग किया और विपक्षी नेताओं को चेतावनी दी। यह खबर राजनीतिक हलकों में सनसनी फैला रही है, क्योंकि चंद्रशेखर को दलित नेता के रूप में जाना जाता है और वे अक्सर भाजपा विरोधी रुख अपनाते हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में नगीना से निर्दलीय जीतने के बाद से उनकी पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पर सवाल उठ रहे हैं। कई विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा ने चंद्रशेखर को समर्थन देकर दलित वोटों को प्रभावित किया था।
चंद्रशेखर आजाद ने अभी तक इस नए ऑडियो पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, अक्टूबर 2025 में रोहिणी द्वारा जारी एक अन्य ऑडियो पर उन्होंने जवाब दिया था। टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रशेखर ने कहा था, "यह सारी साजिश मायावती और बहुजन समाज पार्टी के खिलाफ है। रोहिणी का यह प्रयास दलित आंदोलन को कमजोर करने का है।" उन्होंने ऑडियो को फर्जी करार दिया और कहा कि उनकी आवाज की नकल की गई है। ऑपइंडिया की अगस्त 2025 की खबर में रोहिणी के पिता ने बताया था कि चंद्रशेखर ने रोहिणी को मायावती से बड़ा दलित नेता बनाने का वादा किया था, लेकिन बाद में धोखा दिया। चंद्रशेखर के समर्थक भी सोशल मीडिया पर रोहिणी के दावों को खारिज कर रहे हैं। एक पोस्ट में लिखा गया, "यह एआई से बनी क्लिप है। चंद्रशेखर भाई भाजपा के कट्टर विरोधी हैं।"
यह विवाद केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक भी है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। दलित वोट बैंक यहां निर्णायक होता है। चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी ने लोकसभा में 2 सीटें जीतीं, लेकिन विधानसभा स्तर पर उनकी ताकत की परीक्षा होगी। रोहिणी का दावा है कि भाजपा चंद्रशेखर को रैलियों के जरिए प्रमोट कर रही है, ताकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दलित वोट कटें। 26 नवंबर 2023 को चंद्रशेखर की संविधान दिवस रैली में भाजपा नेताओं की मौजूदगी को रोहिणी ने सबूत बताया। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने अभी चुप्पी साधी है, लेकिन उनके समर्थक सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर को "गद्दार" बता रहे हैं। कांग्रेस की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन राहुल गांधी के करीबी स्रोतों का कहना है कि यह भाजपा की चाल है।
दलित संगठनों में भी दो फाड़ हो गया है। भीम आर्मी के कई कार्यकर्ता चंद्रशेखर के साथ खड़े हैं और रोहिणी को "विपक्षी एजेंट" बता रहे हैं। वहीं, बहुजन समाज पार्टी के कुछ नेता इसे मौका मान रहे हैं। पूर्व सांसद उदित राज ने ट्वीट किया, "दलित एकता को तोड़ने की साजिशें जारी हैं। सच्चाई सामने आएगी।" ऑपइंडिया की रिपोर्ट में रोहिणी ने बताया कि चंद्रशेखर ने उन्हें राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "मैंने उनकी मदद की, लेकिन उन्होंने मुझे ठगा। अब सच्चाई सबके सामने ला रही हूं।" रोहिणी की पोस्ट पर 1900 से ज्यादा लाइक्स और 700 रीपोस्ट हो चुके हैं। कई यूजर्स ने उन्हें बहादुर बताया, तो कुछ ने ऑडियो की जांच की मांग की।
यह मामला कानूनी मोड़ भी ले सकता है। रोहिणी ने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चंद्रशेखर के वकील ने कहा था कि यह बदनामी का केस है। यूपी पुलिस ने अभी इस नए ऑडियो पर कोई टिप्पणी नहीं की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद दलित वोटों का ध्रुवीकरण बढ़ाएगा। भाजपा को फायदा हो सकता है, अगर चंद्रशेखर का समर्थन बरकरार रहा। वहीं, विपक्ष इसे भाजपा की रणनीति बताकर हमला बोल सकता है।
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