Shri Mahavir Ji Jhanda Mela 2026: श्री महावीर जी झंडा मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट, जर्जर सड़कों पर एसडीएम की सख्ती
21 से 24 सितंबर तक होगा ऐतिहासिक चार दिवसीय मेला, झंडे-झांकियों की ऊंचाई आठ फीट तक सीमित; सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
रिपोर्टर : मुकेश सिंह सोमवंशी
संडीला/हरदोई। कस्बे के पौराणिक एवं ऐतिहासिक श्री महावीर जी झंडा मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 21 से 24 सितंबर तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय मेले को लेकर सोमवार को कोतवाली परिसर में एसडीएम नारायणी भाटिया की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक हुई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, जर्जर सड़कों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
महावीरन मंदिर से निकलने वाले पारंपरिक झंडे और आकर्षक झांकियां मेले का मुख्य आकर्षण रहेंगी। संडीला के साथ आसपास के क्षेत्रों और जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी शुरू कर दी है।
- जर्जर सड़कें बनीं सबसे बड़ी चिंता, एसडीएम ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश
बैठक में मेला कमेटी अध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री ने सदर बाजार रोड समेत मेला मार्ग की जर्जर सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और झांकियां शामिल होती हैं, ऐसे में खराब सड़कें परेशानी का कारण बन सकती हैं। उन्होंने मेला शुरू होने से पहले प्रमुख मार्गों की मरम्मत कराने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम नारायणी भाटिया ने नगर पालिका परिषद के ईओ अनिरुद्ध पटेल को मेला रूट की सड़कों समेत आवश्यक व्यवस्थाएं समय से दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
- ईओ बोले—मेला रूट पर सफाई, प्रकाश और सड़क व्यवस्था होगी दुरुस्त
नगर पालिका ईओ अनिरुद्ध पटेल ने कहा कि मेला रूट और आसपास के प्रमुख स्थानों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सड़क संबंधी जरूरी कार्यों को प्राथमिकता से कराया जाएगा। पालिका की टीम को व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मेले के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
- झंडे-झांकियों की ऊंचाई आठ फीट से अधिक नहीं होगी
विद्युत तारों से संभावित दुर्घटना को देखते हुए प्रशासन ने झंडों और झांकियों की ऊंचाई को लेकर सख्ती दिखाई है। एसडीएम ने निर्देश दिए कि झंडे और झांकियां किसी भी स्थिति में आठ फीट से अधिक ऊंची न हों। आयोजकों को विद्युत तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
- यातायात व्यवस्था पर रहेगी पैनी नजर, जाम से निपटने की तैयारी
मेले में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। यातायात प्रभारी अनिल सैनी ने कहा कि मेला रूट पर वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मेले के दौरान निर्धारित मार्गों का प्रयोग करें और सड़क किनारे अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें, ताकि जाम की स्थिति न बने और झंडे-झांकियों के आवागमन में बाधा न आए।
- सुरक्षा का रहेगा कड़ा पहरा, असामाजिक तत्वों पर पुलिस की नजर
कोतवाल संडीला अनुराग सिंह ने कहा कि मेले में आने वाली भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। प्रमुख स्थानों, मेला रूट और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। झंडे और झांकियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन मेले को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। मेला कमेटी और स्थानीय लोगों से भी पुलिस का सहयोग करने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील की गई।
- वालंटियर संभालेंगे भीड़ और श्रद्धालुओं की मदद की जिम्मेदारी
मेला कमेटी को पर्याप्त संख्या में वालंटियर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। वालंटियर भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं को रास्ता बताने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय बनाने में सहयोग करेंगे।
- मेडिकल कैंप, खोया-पाया केंद्र और फायर ब्रिगेड रहेगी तैनात
मेले के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। इनमें मेडिकल कैंप, खोया-पाया केंद्र, फायर ब्रिगेड, पर्याप्त पुलिस बल, यातायात नियंत्रण, विद्युत विभाग के कर्मचारी, साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था तथा मेला कमेटी के वालंटियर शामिल रहेंगे।
- बिजली विभाग को भी अलर्ट, संवेदनशील स्थानों पर रहेगी निगरानी
झंडे और झांकियों के दौरान विद्युत तारों से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए विद्युत विभाग को पर्याप्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी संभावित खतरे को पहले ही दूर करने को कहा गया है।
- प्रशासन का संदेश—सुरक्षित मेला और सुगम यातायात पहली प्राथमिकता
पीस कमेटी की बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां मेला शुरू होने से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐतिहासिक श्री महावीर जी झंडा मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। अब देखना यह होगा कि मेला शुरू होने से पहले जर्जर सड़कों की मरम्मत, बिजली, सफाई, प्रकाश, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां धरातल पर कितनी प्रभावी ढंग से पूरी होती हैं।
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