अयोध्या: 1140 करोड़ से फोरलेन बन रहा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग, दीपोत्सव से पहले श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
अयोध्या में 1140 करोड़ की लागत से 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का कायाकल्प। दीपोत्सव से पहले फोरलेन सड़क, आकर्षक रोशनी, वाटर कियोस्क और शेड से संवरेगा पथ।
रामनगरी अयोध्या में सदियों पुरानी आस्था और आधुनिक आधारभूत ढांचे का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से जुड़े 14 कोसी परिक्रमा मार्ग को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का कार्य युद्धस्तर पर अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। करीब 1,140 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से लगभग 31 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन सड़क के रूप में चौड़ा और सुदृढ़ किया जा रहा है। कुल 42 किलोमीटर लंबे इस संपूर्ण पथ को आगामी भव्य दीपोत्सव से पहले तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों भक्तों को आवागमन में किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग खंड-3 की देखरेख में कराया जा रहा है। इस पूरी परियोजना का उद्देश्य केवल मार्ग को चौड़ा करना नहीं, बल्कि पदयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी नागरिक सुविधाओं का एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार करना है। मार्ग के किनारे आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कियोस्क, धूप व वर्षा से बचाव हेतु आकर्षक टिन शेड और थकान मिटाने के लिए सुविधाजनक विश्राम स्थल बनाए जा रहे हैं। मोदहा के पास निर्मित फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज के पहले ही चालू हो जाने से इस क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी कम हुआ है।
आस्था के इस पथ को नयनाभिराम स्वरूप देने के लिए सड़क के मध्य डिवाइडर पर पीले रंग की सुंदर रेलिंग स्थापित की जा रही है। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए डिवाइडर और फुटपाथ के किनारों पर ट्री गार्ड के साथ बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है। रात के समय मार्ग को अलौकिक दृश्य देने के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी विशेष थीम आधारित आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। अचारी सगरा क्षेत्र सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश व्यवस्था को सक्रिय कर दिया गया है, जिससे संपूर्ण मार्ग रात में भी जगमगा उठा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह के अनुसार निर्माण की गुणवत्ता, पर्याप्त रोशनी और स्वच्छता से जुड़े प्रबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। राम मंदिर निर्माण के बाद से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की आवक में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है। ऐसे में परिक्रमा पथ का आधुनिक और फोरलेन स्वरूप धार्मिक पर्यटन को नए आयाम देगा और दीपोत्सव पर अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को अत्यंत सुगम और स्मरणीय बनाएगा।
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