गांधी जयंती पर यूपी के गांवों में मनेगा सुधार उत्सव, 11 मंत्रालयों की योजनाओं और 125 दिन रोजगार पर होगा सीधा मंथन

गांधी जयंती पर यूपी की ग्राम सभाओं में मनेगा सुधार उत्सव। 125 दिन रोजगार गारंटी, करोड़पति दीदी मिशन और जल संरक्षण सहित 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर होगा फैसला।

By INA News Desk
Oct 1, 2026 - 22:03
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गांधी जयंती पर यूपी के गांवों में मनेगा सुधार उत्सव, 11 मंत्रालयों की योजनाओं और 125 दिन रोजगार पर होगा सीधा मंथन

उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास को नई गति देने और चौपालों को निर्णय प्रक्रिया का केंद्र बनाने के उद्देश्य से गांधी जयंती पर 'सुधार उत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में शासन के 11 प्रमुख मंत्रालयों और विभागों का एजेंडा एक साथ गांव के धरातल पर पहुंचेगा। इसका मुख्य उद्देश्य केवल सरकारी नीतियों की जानकारी देना नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सीधी सहभागिता से प्राथमिकताओं की पहचान कर स्थानीय विकास का खाका तैयार करना है। चौपालों पर रोजगार, स्वच्छ पेयजल, ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन, आजीविका संवर्धन, विधिक सहायता, उपभोक्ता संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर विस्तृत चर्चा होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के क्रम में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वीबी जीराम जी) के तहत बड़ा बदलाव किया गया है। योजना के अंतर्गत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। इसमें ग्रामीण अवसंरचना, जल संचयन और आजीविका से जुड़े 375 प्रकार के स्वीकृत कार्य सम्मिलित किए गए हैं, जिनके चयन का पूर्ण अधिकार ग्राम सभा के हाथों में होगा। इसके साथ ही महिला सशक्तीकरण को आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लखपति दीदियों को उन्नत उद्यमों, बाजार लिंकेज और शी-मार्ट्स के जरिए सालाना 10 लाख रुपये से अधिक आय वर्ग में लाकर 'करोड़पति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

जल जीवन मिशन के दूसरे चरण के तहत हर घर तक केवल नल का कनेक्शन पहुंचाने के बजाय निरंतर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ग्राम पंचायतें जल स्रोतों, पाइपलाइन के संचालन और रखरखाव की समस्याओं की गहन समीक्षा करेंगी। वहीं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांवों को ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के साथ ओडीएफ प्लस मॉडल की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। गिरते भूजल स्तर की समस्या से निपटने के लिए पुराने तालाबों और वाटर रिचार्ज पिट्स के जीर्णोद्धार के साथ-साथ नए जल संचयन ढांचे तैयार किए जाएंगे।

ग्रामीणों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ग्राम सभाओं में उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 और ई-जागृति पोर्टल के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इसके अतिरिक्त नए कानूनों के तहत महिला व बाल सुरक्षा, त्वरित कानूनी सहायता और डिजिटल साक्ष्यों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल आधार देने के लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों, सहकारी बैंकों और संबंधित विभागों का कंप्यूटरीकरण तेजी से पूरा कराया जा रहा है, जिससे खेती, डेयरी, मत्स्य पालन और ऋण वितरण से जुड़ी सेवाएं पारदर्शी बन सकें।

पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के माध्यम से पंचायतों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे ग्राम पंचायतें अपनी विकास योजनाओं को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर समय से तैयार कर सकें। इसके अतिरिक्त स्वामित्व योजना के तहत आबादी वाले क्षेत्रों में संपत्तियों के सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं, जिससे भूमि विवादों में कमी आए और ग्रामीणों को वित्तीय लाभ मिल सके। वहीं समाज को सुरक्षित वातावरण देने के लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से बाल विवाह मुक्त गांव का संकल्प और नशामुक्ति अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया गया है।

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