बलिया नगरा PHC में इलाज में देरी का आरोप: छात्रा को खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने का दावा, स्वास्थ्य विभाग ने बताया साजिश
बलिया के नगरा पीएचसी में बीमार छात्रा के इलाज में देरी और खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने का आरोप। परिजनों की शिकायत पर सीएमओ ने दी सफाई, छात्रा खतरे से बाहर।
Report - Syed Asif Hussain Zaidi
बलिया जनपद के नगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन चिकित्सा सेवा के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। कक्षा 11 की एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां परिजनों ने चिकित्सकों के समय पर उपलब्ध न होने और प्राथमिक उपचार के दौरान खाली ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की जानकारी प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए जाने के बाद आनन-फानन में दूसरे सिलेंडर का प्रबंध कर छात्रा को प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर बेहतर चिकित्सा के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि 24 घंटे आपातकालीन सेवा का दावा होने के बावजूद अस्पताल परिसर में कोई चिकित्सक तत्काल मौजूद नहीं था, जिसके चलते उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। परिजनों का दावा है कि जब चिकित्सक पहुंचे और छात्रा को ऑक्सीजन लगाने की कोशिश की गई, तो वहां रखा सिलेंडर पूरी तरह खाली निकला। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने जिले के शीर्ष प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों से सीधे संपर्क कर मामले से अवगत कराया।
इसके विपरीत, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी बी. पी. यादव का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक केवल कुछ समय के लिए प्रसाधन गए थे और इसी दौरान जानबूझकर वीडियो बनाकर भ्रामक स्थिति पैदा की गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों को सुनियोजित करार दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी अभयनारायण राय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि चिकित्सक की उपस्थिति में लगभग 20 मिनट का अंतर आया था, जिसके तुरंत बाद मरीज को दूसरा सिलेंडर लगाकर आवश्यक उपचार मुहैया कराया गया। छात्रा को एहतियातन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की पड़ताल की बात कही है।
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