Bengaluru LPG Cylinder Blast: बेंगलुरु के मकान में एलपीजी सिलिंडर फटने से भीषण आग, 4 बच्चों समेत परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से झुलसे

Bengaluru LPG Cylinder Blast: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक मकान में एलपीजी सिलिंडर फटने से भीषण हादसा हो गया। 4 मासूम बच्चों समेत एक ही परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

By INA News Desk
Oct 3, 2026 - 12:42
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Bengaluru LPG Cylinder Blast: बेंगलुरु के मकान में एलपीजी सिलिंडर फटने से भीषण आग, 4 बच्चों समेत परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से झुलसे
  • Bengaluru News Today: गैस लीकेज के बाद सिलिंडर ब्लास्ट से दहली रिहायशी इमारत, एक ही परिवार के 6 सदस्य अस्पताल में भर्ती
  • Karnataka Accident: बेंगलुरु में दर्दनाक हादसा, रसोई गैस सिलिंडर विस्फोट में 4 मासूम बच्चों समेत 6 घायल, राहत कार्य जारी
  • Bengaluru Cylinder Fire: मकान में एलपीजी रिसाव से हुआ जोरदार धमाका, चपेट में आकर झुलसे 6 लोग, हालत नाजुक

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक आवासीय मकान में घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलिंडर फटने से भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें चार मासूम बच्चे भी शामिल हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशे हिल गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और दमकल विभाग की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए राहत व बचाव कार्य शुरू किया। घर के भीतर फंसे सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां बर्न वार्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, झुलसे हुए लोगों में से कुछ की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

  • कैसे हुआ हादसा: गैस रिसाव बना विस्फोट का कारण

प्राथमिक जांच और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण रसोई में सिलिंडर से गैस का रिसाव होना माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि रात या सुबह के समय पाइप अथवा रेगुलेटर से गैस लीक होकर कमरे में जमा हो गई थी।

जैसे ही परिवार के किसी सदस्य ने चाय या भोजन बनाने के लिए माचिस जलाई अथवा बिजली का कोई स्विच ऑन किया, संचित गैस ने तत्काल आग पकड़ ली। इसके कुछ ही सेकंड बाद तेज आवाज के साथ सिलिंडर में विस्फोट हो गया। विस्फोट के प्रभाव से कमरे की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और घर में रखा घरेलू सामान जलकर खाक हो गया।

  • चार मासूम बच्चों समेत छह लोग झुलसे

कमरे में उस समय मौजूद परिवार के सदस्य आग की लपटों के बीच घिर गए और उन्हें संभलने या बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। आग की चपेट में आने वालों में दो वयस्क और चार छोटे बच्चे शामिल हैं। बच्चों की आयु कम होने के कारण उनका शरीर आग की लपटों से ज्यादा प्रभावित हुआ है।

स्थानीय नागरिकों ने धुएं का गुबार और चीख-पुकार सुनकर तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और पुलिस व आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और आगे किसी अन्य मकान में लपटों को फैलने से रोक लिया। घायलों को तुरंत विक्टोरिया अस्पताल के बर्न केयर सेंटर में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका सघन उपचार जारी है।

  • पुलिस और अग्निशमन विभाग की जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मकान को सुरक्षा घेरे में ले लिया है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मलबे से साक्ष्य एकत्र किए हैं।

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या सिलिंडर का वाल्व खराब था या फिर गैस पाइप में दरार के कारण लीकेज हुआ था। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। प्रशासन ने मकान मालिक और गैस एजेंसी से जुड़े रिकॉर्ड्स की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि उपकरण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की पुष्टि हो सके।

  • घरेलू गैस उपयोग में लापरवाही बन सकती है जानलेवा

महानगरीय क्षेत्रों में घनी आबादी और छोटे कमरों वाले मकानों में गैस लीकेज की घटनाएं अक्सर जानलेवा साबित होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरों में यदि वेंटिलेशन (हवा की निकासी) की पर्याप्त व्यवस्था न हो, तो एलपीजी गैस तेजी से हवा में मिलकर अत्यधिक ज्वलनशील मिश्रण बना लेती है।

ऐसे में नागरिकों को रसोई गैस का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए:

नियमित जांच: सिलिंडर के रेगुलेटर, नोजल और सुरक्षा पाइप (सुरक्षा होस) की हर दो साल में अनिवार्य रूप से जांच कराएं।

गंध आने पर सतर्कता: यदि रसोई में गैस की गंध आए, तो कभी भी बिजली का स्विच ऑन या ऑफ न करें और न ही माचिस या लाइटर जलाएं।

खिड़कियां खोलें: तुरंत सभी खिड़कियां और दरवाजे खोल दें ताकि गैस बाहर निकल सके, और रेगुलेटर को तुरंत बंद कर दें।

बेंगलुरु में हुआ यह हादसा एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि घरेलू सुरक्षा मानकों की अनदेखी पूरे परिवार के जीवन को खतरे में डाल सकती है।

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