Lucknow: पुस्तकें देती हैं सर्वांगीण ज्ञान और भारतीय संस्कृति से जोड़ने की शक्ति  – उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय 

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय  ने शुक्रवार को रवीन्द्रालय, चारबाग, लखनऊ में आयोजित लखनऊ पुस्तक मेले में मुख्य अतिथि

By INA News Desk
Mar 13, 2026 - 22:48
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Lucknow: पुस्तकें देती हैं सर्वांगीण ज्ञान और भारतीय संस्कृति से जोड़ने की शक्ति  – उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय 
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लखनऊ: प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय  ने शुक्रवार को रवीन्द्रालय, चारबाग, लखनऊ में आयोजित लखनऊ पुस्तक मेले में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक मेले में लगे विभिन्न प्रकाशकों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा विविध विषयों से संबंधित पुस्तकों को देखा। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान के संचित भंडार का प्रतिनिधित्व करती हैं और समाज को संस्कार, विचार और दिशा प्रदान करती हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि साहित्य किसी भी भाषा और समाज के सम्मान का आधार होता है। विद्वानों और चिंतकों द्वारा लिखे गए विचार जब पुस्तकों के रूप में संकलित होते हैं तो वे आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का अमूल्य स्रोत बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले का आयोजन इस दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ही स्थान पर विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध होने से पाठकों को व्यापक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय विषय विशेष की शिक्षा प्रदान करते हैं, किंतु सर्वांगीण ज्ञान का विस्तार पुस्तकों के अध्ययन से ही संभव है। इसलिए पुस्तकों को मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र, मार्गदर्शक और गुरु कहा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं पुस्तक मेले में आकर विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अध्ययन करें और अपने ज्ञान का विस्तार करें।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज के समय में तकनीक और मोबाइल का उपयोग बढ़ा है, किंतु इसके साथ-साथ पुस्तकों के अध्ययन की परंपरा को भी जीवित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों को समझने के लिए साहित्य और पुस्तकों का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। पुस्तकें न केवल ज्ञान देती हैं बल्कि समाज को संस्कार और राष्ट्रीय चेतना से भी जोड़ती हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति “वसुधैव कुटुंबकम्” के सिद्धांत पर आधारित है और साहित्य इस विचार को समाज में जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है। पुस्तक मेले जैसे आयोजन समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं और नई पीढ़ी को सकारात्मक विचारों की ओर प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने लखनऊ पुस्तक मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में ज्ञान, संस्कृति और सकारात्मक चिंतन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर मुरलीधर अहुजा संरक्षक, मनोज सिंह चंदेल संयोजक, टी.पी. हवेलिया संरक्षक आर्कष चंदेल निदेशक, यू पी त्रिपाठी संस्थापक विश्वम फाउंडेशन उपस्थित रहे।

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