Box Office Clash: कुणाल खेमू की 'वाइब' ने वीकेंड पर पकड़ी रफ्तार, करीना कपूर की 'दायरा' का जानिए तीसरे दिन का हाल
बॉक्स ऑफिस पर कुणाल खेमू की 'वाइब' और करीना कपूर की 'दायरा' के बीच वीकेंड पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। तीसरे दिन रविवार को 'वाइब' ने बढ़त बनाकर 'दायरा' को पीछे छोड़ा।
- वीकेंड बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: टिकट खिड़की पर 'वाइब' और 'दायरा' के बीच टक्कर, तीसरे दिन कुणाल खेमू की फिल्म निकली आगे
- Vibe vs Daayra Collection: रविवार को चमकी कुणाल खेमू की 'वाइब', करीना कपूर की 'दायरा' की कमाई पर टिकीं निगाहें
- सिनेमाघरों में 'वाइब' का दबदबा: तीसरे दिन की कमाई में पछाड़ा 'दायरा' को, मल्टीप्लेक्स से लेकर सिंगल स्क्रीन तक ऐसा रहा ट्रेंड
मुंबई। भारतीय सिनेमाघरों में इस सप्ताहांत दो बिल्कुल अलग मिजाज की फिल्मों के बीच दिलचस्प बॉक्स ऑफिस मुकाबला देखने को मिला। एक ओर जहां कुणाल खेमू के अभिनय से सजी युवा केंद्रित और मनोरंजक फिल्म 'वाइब' दर्शकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी रही, वहीं दूसरी ओर करीना कपूर खान अभिनीत गंभीर और भावनात्मक कथानक वाली फिल्म 'दायरा' भी सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित करने की जद्दोजहद करती नजर आई। शुरुआती शुक्रवार और शनिवार की सुस्त चाल के बाद रविवार यानी तीसरे दिन के कारोबार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दर्शकों का अधिक झुकाव हल्के-फुल्के मनोरंजन और ताजगी से भरे विषय की ओर रहा, जिसके चलते कुणाल खेमू की 'वाइब' सप्ताहांत के अंतिम दिन कमाई के मामले में करीना कपूर की 'दायरा' से आगे निकलने में सफल रही।
फिल्म व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, दोनों ही फिल्मों ने अपने सीमित और लक्षित बजट के अनुरूप शुरुआत की थी, लेकिन वीकेंड के आंकड़ों ने साबित कर दिया कि पारिवारिक और युवा दर्शक वर्ग की पहली पसंद 'वाइब' बनकर उभरी है। वहीं, 'दायरा' का प्रदर्शन महानगरों के चुनिंदा मल्टीप्लेक्सों तक ही अधिक केंद्रित रहा, जिससे इसके सकल कारोबार पर असर पड़ा।
- तीसरे दिन 'वाइब' ने मारी बाजी, रविवार को दिखा उछाल
कुणाल खेमू की कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय शैली हमेशा से दर्शकों के एक बड़े वर्ग को पसंद आती रही है। फिल्म 'वाइब' में भी इसी यूएसपी का पूरा लाभ निर्माताओं को मिला है। शुक्रवार को औसत ओपनिंग लेने के बाद शनिवार को फिल्म के कलेक्शन में सुधार देखा गया था, लेकिन असली उछाल रविवार को देखने को मिला।
रविवार को दोपहर और शाम के शो में कॉलेज जाने वाले युवाओं और दोस्तों के समूहों की भीड़ थिएटरों में देखी गई। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में फिल्म की सीट ऑक्यूपेंसी 40 से 45 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई। माउथ पब्लिसिटी के सकारात्मक रहने की वजह से सिंगल स्क्रीन थिएटरों में भी शाम के शो हाउसफुल रहे, जिससे तीसरे दिन की कुल नेट कमाई में 'वाइब' ने एक मजबूत आंकड़ा छूकर सप्ताहांत का सम्मानजनक समापन किया।
- गंभीर विषय वाली 'दायरा' का संघर्ष: सीमित रहा दर्शक वर्ग
करीना कपूर खान की फिल्म 'दायरा' एक भावनात्मक, विचारोत्तेजक और संजीदा सामाजिक ड्रामा पर आधारित है। समीक्षकों की ओर से करीना के अभिनय और निर्देशन की सराहना तो की गई, लेकिन आम कमर्शियल बॉक्स ऑफिस पर इस तरह की फिल्मों को गति पकड़ने में समय लगता है।
वीकेंड के दौरान 'दायरा' ने बड़े शहरों के हाई-एंड मल्टीप्लेक्स परिसरों में सुबह और दोपहर के शो में संभली हुई ऑक्यूपेंसी दिखाई, लेकिन टियर-2 और टियर-3 शहरों में दर्शकों की संख्या काफी सीमित रही। रविवार को भी जहां दर्शक वीकेंड के तनाव को दूर करने के लिए मनोरंजक सिनेमा की तलाश में थे, वहां 'दायरा' के गंभीर विषय ने आम दर्शकों को थोड़ा हिचकिचाहट में रखा। नतीजतन, तीसरे दिन फिल्म की कमाई में वह बड़ा उछाल नहीं आ सका, जिसकी उम्मीद व्यापार पंडितों को थी, और यह 'वाइब' की तुलना में पीछे छूट गई।
- क्या रहा दोनों फिल्मों के ट्रेंड में मुख्य अंतर?
ट्रेड एक्सपर्ट्स के अनुसार, 'वाइब' और 'दायरा' के कलेक्शन के ट्रेंड में मुख्य अंतर जॉनर (विधा) और टारगेट ऑडियंस का रहा:
मनोरंजन बनाम संजीदगी: 'वाइब' एक लाइट-हार्टेड एंटरटेनर है, जिसे पूरे ग्रुप या परिवार के साथ आसानी से देखा जा सकता है। वहीं, 'दायरा' एक गंभीर आंतरिक संघर्ष की कहानी है, जिसे देखने के लिए एक खास किस्म की सिनेमाई रुचि की आवश्यकता होती है।
टिकट दरों और स्क्रीन आवंटन का असर: 'वाइब' को छोटे शहरों और उपनगरीय इलाकों के थिएटरों में बेहतर स्क्रीन स्पेस मिला, जिससे इसके टिकटों की संख्या अधिक बिकी। दूसरी ओर, 'दायरा' को प्रीमियम मल्टीप्लेक्स स्क्रीन्स पर तो जगह मिली, लेकिन वहां दर्शकों की संख्या उस अनुपात में नहीं बढ़ी।
समीक्षाएं और वर्ड ऑफ माउथ: समीक्षकों द्वारा 'दायरा' को कलात्मक दृष्टि से बेहतर अंक दिए जाने के बावजूद आम जनता के 'वर्ड ऑफ माउथ' ने 'वाइब' को ज्यादा फायदा पहुंचाया।
किसी भी फिल्म के लिए वीकेंड की कमाई उसका पहला पड़ाव होती है, लेकिन असली जीवनकाल (लाइफटाइम बिजनेस) इस बात पर निर्भर करता है कि फिल्म कामकाजी दिनों यानी सोमवार से गुरुवार के बीच अपनी पकड़ कैसे बनाए रखती है। सोमवार को टिकटों की दरों में कमी आने के साथ ही ऑक्यूपेंसी की असल परीक्षा शुरू होती है।
यदि कुणाल खेमू की 'वाइब' सोमवार को अपने शुक्रवार के कलेक्शन के 50 से 60 प्रतिशत स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहती है, तो यह आगामी दूसरे वीकेंड तक सुरक्षित वित्तीय दायरे में पहुंच जाएगी। वहीं, करीना कपूर की 'दायरा' के लिए सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण होगा; यदि फिल्म महानगरों के शिक्षित और परिपक्व दर्शक वर्ग के दम पर एक स्थिर रफ्तार नहीं पकड़ पाती, तो आने वाले दिनों में इसकी स्क्रीनों की संख्या में कटौती की जा सकती है। फिलहाल, पहले वीकेंड की बाजी कुणाल खेमू के नाम रही है।
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