Sambhal: वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर भड़के बर्क, बोले- लोगों को दूसरा मौका मिले… गाय पर बीजेपी की कथनी-करनी में फर्क।
सम्भल से सपा सांसद Zia Ur Rehman Barq ने 31 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के मामले पर
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल से सपा सांसद Zia Ur Rehman Barq ने 31 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के मामले पर सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन प्रक्रिया और दस्तावेज़ी औपचारिकताओं को पूरी तरह समझ नहीं पाए, जिसकी वजह से कई रजिस्ट्रेशन रद्द हुए हैं।
बर्क ने कहा कि सरकार का उद्देश्य रजिस्ट्रेशन कराना होना चाहिए, न कि लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करना। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार प्रभावित लोगों को दोबारा मौका देगी। साथ ही कहा कि वक्फ बोर्ड, वक्फ ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट का रास्ता भी खुला हुआ है और जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर सांसद बर्क ने बीजेपी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम समाज और कई नेता खुद इस मांग का समर्थन कर रहे हैं, तो बीजेपी अपनी सरकार वाले राज्यों में सख्ती से कानून क्यों नहीं लागू कर पाती। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और गोवा का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी की “कथनी और करनी” में बड़ा फर्क दिखाई देता है। बर्क ने साफ कहा कि इस्लाम में गाय की कुर्बानी “फर्ज़” नहीं बल्कि “जायज़” है और दोनों में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम धर्म कभी किसी दूसरे धर्म की आस्था को ठेस पहुँचाने की इजाज़त नहीं देता। सांसद ने कहा कि जब हिंदू समाज की भावनाएं इस मुद्दे से जुड़ीं तो देश के मुसलमानों ने भी संवेदनशीलता दिखाई और कई जगहों पर गाय की कुर्बानी से दूरी बना ली। सपा सांसद के इस बयान के बाद वक्फ संपत्तियों और गौकशी जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।
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