Delhi CJP Protest Live: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी और 150 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में, लुटियंस दिल्ली छावनी में तब्दील

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी और 150 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

By INA News Desk
Oct 10, 2026 - 13:32
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Delhi CJP Protest Live: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी और 150 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में, लुटियंस दिल्ली छावनी में तब्दील
  • CJP Protest Jantar Mantar: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन से पहले पुलिस का बड़ा एक्शन, ध्रुव राठी समेत दर्जनों लोग हिरासत में लिए गए
  • दिल्ली में बड़ा पुलिसिया एक्शन: कॉकरोच जनता पार्टी के मार्च से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी डिटेन, 150 समर्थकों को बसों में भरकर ले गई पुलिस
  • Delhi Police Crackdown: CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर गरमाई सियासत, ध्रुव राठी और CJP कार्यकर्ताओं पर प्रिवेंटिव एक्शन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित किए जा रहे बड़े विरोध-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार, 10 अक्टूबर को प्रस्तावित इस प्रदर्शन के शुरू होने से चंद घंटे पहले पुलिस ने लोकप्रिय यूट्यूबर व सोशल मीडिया कमेंटेटर ध्रुव राठी सहित 150 से अधिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों को राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से एहतियातन हिरासत में ले लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई सरकारी बसों और सुरक्षा वाहनों में भरकर अज्ञात थानों और पुलिस चौकियों की ओर भेज दिया है।

इससे पहले दिन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, रांका और सौरव को दिल्ली हवाई अड्डे पर फ्लाइट के भीतर से हिरासत में लिया गया था, जबकि मशहूर डिजिटल क्रिएटर काव्या कर्नाटक (KK Create) को भी प्रदर्शन स्थल के समीप पहुंचने पर रोक दिया गया था। अब ध्रुव राठी और 150 से अधिक कार्यकर्ताओं पर हुई इस व्यापक पुलिसिया कार्रवाई के बाद लुटियंस दिल्ली का पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है और राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं।

  • जंतर-मंतर कूच से पहले कैसे हुई धरपकड़?

प्रत्यक्षदर्शियों और जमीनी सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों से CJP और नागरिक अधिकारों से जुड़े युवा कार्यकर्ता जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मंडी हाउस के आसपास एकत्रित होने का प्रयास कर रहे थे।

रणनीतिक घेराबंदी: दिल्ली पुलिस ने सुबह से ही लुटियंस दिल्ली के सभी प्रवेश मार्गों पर बहुस्तरीय बैरिकेड्स लगा रखे थे। जैसे ही ध्रुव राठी और उनके साथी कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगे, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया।

अनुमति का अभाव और कानूनी चेतावनी: ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के जरिए घोषणा की कि नई दिल्ली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के सार्वजनिक मार्च या धरने की औपचारिक अनुमति नहीं है और धारा 144 प्रभावी है।

बसों में भरकर हिरासत: प्रदर्शनकारियों द्वारा आगे बढ़ने और नारेबाजी करने के प्रयास के बीच पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ध्रुव राठी समेत लगभग 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) तथा पुलिस की विशेष बसों में बैठाकर मौके से रवाना कर दिया।

  • ध्रुव राठी का रुख और सोशल मीडिया पर उबाल

हिरासत में लिए जाने के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ध्रुव राठी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही तय करने की मांग करना कोई अपराध नहीं है।

ध्रुव राठी ने सवाल उठाया कि जब नागरिक शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित होकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाना चाहते हैं, तो प्रशासन संवाद करने के बजाय निवारक हिरासत का रास्ता क्यों अपना रहा है। उनके समर्थकों और डिजिटल क्रिएटर्स ने एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर पुलिस कार्रवाई के वीडियो साझा करते हुए इसे असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश करार दिया है।

  • दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष

बिना अनुमति का मजमा: पुलिस मुख्यालय के अनुसार, जंतर-मंतर पर इस विरोध मार्च के लिए आयोजकों की तरफ से कोई वैध अनुमति पत्र या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त नहीं था।

संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा: जंतर-मंतर से महज कुछ ही दूरी पर संसद भवन, निर्वाचन सदन (केंद्रीय चुनाव आयोग), रेल भवन और अन्य शीर्ष सरकारी कार्यालय स्थित हैं। किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति या सड़क जाम से बचने के लिए भीड़ को जुटने से पहले ही तितर-बितर करना आवश्यक था।

नाइट-विजन कैमरे और अतिरिक्त बल: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात जवानों को आधुनिक नाइट-विजन बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस किया गया है ताकि पूरी कार्रवाई का डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रहे। अर्धसैनिक बलों (RAF और CRPF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी संवेदनशील चौराहों पर तैनात रखा गया है।

  • राजनीतिक गलियारों में गरमाई बहस

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का रूप ले चुका है। विपक्षी दलों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने इतनी बड़ी संख्या में युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की है। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक ढांचे में विरोध प्रदर्शन का अधिकार मौलिक अधिकारों का हिस्सा है।

वहीं, प्रशासनिक और सुरक्षा जानकारों का कहना है कि राजधानी की सुरक्षा और सामान्य जनजीवन को सुचारु बनाए रखना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है, विशेषकर तब जब किसी संवेदनशील इलाके में हजारों लोगों के अचानक जुटने की संभावना हो। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार औपचारिक सत्यापन और विधिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।

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