Delhi CJP Protest Live Update: फ्लाइट के भीतर ही एक्शन, अभिजीत दीपके, रांका और सौरव को पुलिस ने बस में बैठाकर हिरासत में लिया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने फ्लाइट के अंदर से अभिजीत दीपके, रांका और सौरव को हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें विशेष बस से थाने ले गई।
- CJP Protest Jantar Mantar: दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड होते ही पुलिस का बड़ा एक्शन, दीपके समेत प्रमुख कार्यकर्ता डिटेन
- दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रनवे और फ्लाइट के अंदर से हिरासत में लिए गए CJP नेता, बस में भरकर ले गई पुलिस
- Delhi Police Crackdown: जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले CJP नेतृत्व पर कड़ा एक्शन, फ्लाइट से उतरते ही हिरासत में दीपके और सहयोगी
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और अधिक आक्रामक व तेज हो गई है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जैसे ही CJP के प्रमुख कार्यकर्ताओं की फ्लाइट लैंड हुई, सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने विमान के भीतर ही प्रवेश कर संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रमुख सहयोगी रांका और सौरव को अपनी हिरासत में ले लिया। यात्रियों के उतरने के दौरान ही हुए इस अप्रत्याशित एक्शन के बाद पुलिस तीनों को रनवे क्षेत्र से सीधे एक विशेष पुलिस बस में बैठाकर अज्ञात स्थान/थाने के लिए रवाना हो गई।
जंतर-मंतर पर सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी बैरिकेडिंग लागू थी। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर काव्या कर्नाटक (KK Create) को प्रदर्शन स्थल के समीप से पहले ही हिरासत में लिए जाने के बाद, दिल्ली पुलिस की नजर दूसरे शहरों से आ रहे CJP के मुख्य आयोजकों पर टिकी हुई थी। फ्लाइट के भीतर से की गई इस त्वरित कार्रवाई ने दर्शा दिया है कि प्रशासन राजधानी में किसी भी प्रकार के अनधिकृत जमावड़े या मार्च को शुरू होने से पहले ही समाप्त करने की पूर्व-नियोजित रणनीति पर काम कर रहा है।
- फ्लाइट के अंदर कैसे हुआ एक्शन?
विमान में सवार सह-यात्रियों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं के अनुसार, जैसे ही विमान रनवे पर लैंड करने के बाद टैक्सी-वे से एप्रन की ओर बढ़ा, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा कर्मियों का एक दस्ता विमान के गेट पर पहुंच गया।
सीटों से सीधे हिरासत: विमान के सामान्य डी-बोर्डिंग (यात्रियों के बाहर निकलने) की औपचारिक प्रक्रिया से पहले ही पुलिस अधिकारियों ने केबिन में प्रवेश किया और अभिजीत दीपके, रांका और सौरव की पहचान सुनिश्चित की।
बिना समय गंवाए बस में शिफ्ट: टर्मिनल के मुख्य अराइवल हॉल में किसी संभावित भीड़ या हंगामे से बचने के लिए तीनों को सीधे टारमैक (विमान के पास) पर खड़ी की गई दिल्ली पुलिस की एक विशेष सुरक्षा बस में बैठाया गया।
सुरक्षा घेरा: बस के चारों ओर स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की जिप्सियां तैनात थीं, जिन्होंने भारी सुरक्षा एस्कॉर्ट के बीच काफिले को एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकाला।
- हिरासत के दौरान तीखा विरोध और बयान
विमान से बाहर ले जाए जाने के दौरान अभिजीत दीपके और उनके साथियों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर गहरा रोष प्रकट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास वैध हवाई टिकट थे और वे एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आह्वान के तहत दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन जिस प्रकार उन्हें सामान्य अपराधियों की तरह विमान के अंदर ही रोका गया, वह नागरिक अधिकारों का हनन है।
दीपके ने संक्षिप्त टिप्पणी में कहा कि यह कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि सत्ता और संस्थाएं जनसंवाद तथा शांतिपूर्ण विरोध के सवालों से असहज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी औपचारिक अदालती वारंट के केवल एक पूर्व-घोषित धरने के नाम पर हवाई यात्रा के दौरान ही नागरिकों को रोकना किस नियम के तहत आता है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कदम किसी व्यक्तिगत पूर्वाग्रह के कारण नहीं, बल्कि लुटियंस दिल्ली और संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के दृष्टिगत उठाया गया प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक हिरासत) है:
बिना अनुमति का प्रदर्शन: जंतर-मंतर पर धरने या मार्च के लिए दिल्ली पुलिस के संबंधित डीसीपी कार्यालय से कोई औपचारिक अनुमति नहीं दी गई थी।
संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा: निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) और संसद परिसर के आसपास धारा 144 और प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी हैं। पुलिस को खुफिया इनपुट मिले थे कि CJP के कार्यकर्ता अचानक जंतर-मंतर या निर्वाचन आयोग के बाहर एकत्रित होकर मार्ग अवरुद्ध कर सकते हैं।
शांति व्यवस्था बनाए रखना: हवाई अड्डे पर सामान्य यात्रियों की आवाजाही बाधित न हो और शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए आयोजकों को उनके आगमन के पहले बिंदु पर ही रोक दिया गया।
- जंतर-मंतर पर छावनी जैसे हालात
इधर हवाई अड्डे पर फ्लाइट के अंदर हुई इस कार्रवाई के समानांतर, जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य बनी हुई है। दिल्ली पुलिस के जवान नाइट-विजन बॉडी-वॉर्न कैमरों, वाटर कैनन, वज्र वाहनों और अश्रु गैस के उपकरणों के साथ अलर्ट मोड पर हैं। कनॉट प्लेस और आसपास के मेट्रो स्टेशनों से निकलने वाले संदिग्ध समूहों की पहचान कर उन्हें लौटाया जा रहा है।
काव्या कर्नाटक, अभिजीत दीपके, रांका और सौरव की हिरासत के बाद CJP के डिजिटल नेटवर्क और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर 'डिटेंशन' के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को औपचारिक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद नियमानुसार राहत दी जाएगी।
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