Delhi CJP Protest: 'अरेस्ट होने आया हूं...' फ्लाइट के भीतर से हिरासत में लिए जाने पर बोले अभिजीत दीपके, जंतर-मंतर कूच से पहले बड़ा एक्शन
मुंबई से दिल्ली पहुंचे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने फ्लाइट के अंदर ही हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान उन्होंने दो टूक कहा कि वे गिरफ्तारी से नहीं डरते और अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
- CJP Protest Live Update: मुंबई-दिल्ली फ्लाइट में ही पुलिस का छापा, अभिजीत दीपके बोले- 'हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तैयार हैं'
- दिल्ली एयरपोर्ट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: विमान के अंदर पुलिस को देख बोले CJP संस्थापक दीपके- 'गिरफ्तारी से डर नहीं', बस में भरकर ले गई पुलिस
- Delhi Police Action: फ्लाइट लैंड होते ही हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, कहा- लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आए थे दिल्ली
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस का हाई-वोल्टेज एक्शन देखने को मिला है। शनिवार, 10 अक्टूबर को मुंबई से दिल्ली पहुंची इंडिगो की नियमित उड़ान के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर लैंड होते ही दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम सीधे विमान के केबिन में दाखिल हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यात्रियों के उतरने से पहले ही CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को उनके साथियों रांका और सौरव के साथ विमान की सीटों से ही सीधे हिरासत में ले लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके ने पुलिसिया सख्ती पर बेबाकी से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "मैं तो अरेस्ट होने ही आया हूं, हमें अपनी बात रखने से कोई नहीं रोक सकता।"
विमान के अंदर सामान्य यात्रियों के सामने हुए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद पुलिस कर्मियों ने तीनों को तुरंत टारमैक पर खड़ी दिल्ली पुलिस की विशेष बस में बैठाया और हवाई अड्डा परिसर से बाहर ले गए। दीपके द्वारा विमान के अंदर से दिए गए इस बयान का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया।
- फ्लाइट के अंदर क्या हुआ: 'अरेस्ट होने आया हूं'
सह-यात्रियों और मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार, जैसे ही मुंबई से आई फ्लाइट रनवे पर उतरने के बाद पार्किंग-वे पर आकर रुकी, दिल्ली पुलिस के अधिकारी केबिन क्रू की मौजूदगी में विमान के मुख्य द्वार से अंदर आए।
अधिकारियों ने सीधे उन सीटों की ओर रुख किया जहां अभिजीत दीपके और उनके सहयोगी बैठे थे। पुलिस ने उनसे तुरंत खड़े होने और अपने साथ चलने को कहा। इस पर अभिजीत दीपके तनिक भी विचलित नहीं हुए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे राजधानी में किसी छिपकर किए जाने वाले काम के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने आए थे और वे जानते थे कि प्रशासन उन्हें रोकने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा, "हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तैयार होकर आए हैं। अगर प्रशासन हमें गिरफ्तार करना चाहता है, तो मैं अरेस्ट होने ही आया हूं।"
इसके बाद पुलिस बल ने उन्हें सामान सहित विमान से नीचे उतारा और सीधे सुरक्षा घेरे में खड़ी बस में स्थानांतरित कर दिया।
- दिल्ली में एक के बाद एक ताबड़तोड़ प्रिवेंटिव डिटेंशन
शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर भीड़ जुटने से रोकने के लिए कई स्तरों पर पूर्व-नियोजित कार्रवाई की गई:
काव्या कर्नाटक की हिरासत: सुबह के समय लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर काव्या कर्नाटक (KK Create) को प्रदर्शन स्थल के समीप पहुंचने से पहले ही महिला पुलिस कर्मियों द्वारा हिरासत में ले लिया गया था।
ध्रुव राठी और 150 से अधिक समर्थक डिटेन: इसके कुछ ही देर बाद प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित करीब 150 से अधिक कार्यकर्ताओं को मंडी हाउस और कनॉट प्लेस के पास से बसों में भरकर थानों में भेजा गया।
फ्लाइट के भीतर से मुख्य नेतृत्व की धरपकड़: मुंबई से आ रहे CJP के शीर्ष नेतृत्व अभिजीत दीपके, रांका और सौरव को एयरपोर्ट के मुख्य अराइवल हॉल तक भी नहीं पहुंचने दिया गया और विमान के अंदर ही रोक लिया गया।
- CJP का एजेंडा और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का गठन सोशल मीडिया पर एक राजनीतिक-व्यंग्य और युवा-आधारित नागरिक मंच के रूप में हुआ था। पिछले कुछ समय से यह मंच चुनावी प्रक्रिया की शुचिता, मतदाता सूचियों के नवीनीकरण और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर लगातार आवाज उठा रहा था।
संगठन ने शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़ा जमावड़ा बुलाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी। आयोजकों का दावा था कि वे केवल एक प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण धरना देना चाहते थे। हालांकि, प्रशासन का रुख था कि लुटियंस दिल्ली जैसे अति-संवेदनशील इलाके में बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
- दिल्ली पुलिस का आधिकारिक तर्क
नई दिल्ली और हवाई अड्डा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई कानून-व्यवस्था की सुरक्षा और वीवीआईपी क्षेत्र में सामान्य जनजीवन को बाधित होने से बचाने के लिए की गई निवारक कार्रवाई (Preventive Action) है।
- पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया:
आयोजकों के पास दिल्ली पुलिस या स्थानीय प्रशासन से कोई वैध एनओसी (NOC) नहीं थी।
संवेदनशील संस्थानों जैसे संसद मार्ग और निर्वाचन सदन के आसपास धारा 144 लागू थी।
रनवे से सीधे बस में शिफ्ट करने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल पर किसी प्रकार की अफरा-तफरी, यात्रियों को असुविधा या कानून-व्यवस्था का संकट पैदा न हो।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों से कानूनी नियमों के तहत पूछताछ और औपचारिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके उपरांत नियमानुसार आगे का फैसला लिया जाएगा।
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