Delhi Demolition Drive: शालीमार बाग में आधी रात चला बुलडोजर, मदीना मस्जिद का हिस्सा और कई अवैध निर्माण जमींदोज; भारी पुलिस बल तैनात
दिल्ली के शालीमार बाग में प्रशासन ने आधी रात अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर मदीना मस्जिद के एक हिस्से और कई मकानों को ध्वस्त कर दिया, जिसको लेकर सियासत तेज हो गई है।
- Shalimar Bagh News: रेलवे और नगर निकाय की संयुक्त अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई, मस्जिद के ढांचे व मकानों के ध्वस्तीकरण पर गरमाई राजनीति
- दिल्ली में बुलडोजर एक्शन: शालीमार बाग में सरकारी जमीन से हटाया गया कब्जा, स्थानीय लोगों का प्रदर्शन; AAP और कांग्रेस ने उठाए सवाल
- Madina Mosque Demolition Row: शालीमार बाग में रातभर चली प्रशासनिक कार्रवाई, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम; जानिए क्या है पूरा विवाद
नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में प्रशासन द्वारा रात के सन्नाटे में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। भारी पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों और नगर निकाय तथा संबंधित भूमि स्वामित्व एजेंसियों की संयुक्त मौजूदगी में चले इस अभियान के दौरान कई बुलडोजरों ने सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के तहत मदीना मस्जिद के कुछ हिस्सों के अलावा पास में स्थित कई पक्के मकानों और दुकानों को जमींदोज कर दिया गया।
अचानक देर रात शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसे देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहीं, राजधानी के राजनीतिक गलियारों में भी इस ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
- सरकारी जमीन को खाली कराने का दावा
संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस भूमि पर यह कार्रवाई की गई है, वह सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और रेलवे कॉरिडोर के विस्तार से जुड़ी भूमि का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण की शिकायतें लंबे समय से लंबित थीं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, नियमानुसार भूमि खाली कराने के लिए पूर्व में आवश्यक नोटिस और सूचनाएं जारी की जा चुकी थीं। किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति और विरोध-प्रदर्शन से निपटने के लिए अभियान को देर रात से लेकर सुबह तक संचालित किया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई और मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर बाहरी लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया गया।
- स्थानीय निवासियों का विरोध और आरोप
दूसरी ओर, प्रभावित स्थानीय निवासियों और मस्जिद कमेटी से जुड़े प्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्हें अपना सामान निकालने और कानूनी विकल्प तलाशने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस इलाके में कई दशकों से रह रहे हैं और उनके पास वैध बिजली कनेक्शन और पते के प्रमाण पत्र मौजूद हैं।
निवासियों ने प्रशासनिक कार्रवाई के समय पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि आधी रात को अचानक भारी सुरक्षा बलों के साथ घरों को तोड़ना अमानवीय है, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने भीड़ को एकत्रित नहीं होने दिया और स्थिति को नियंत्रण में रखा।
- ध्वस्तीकरण पर गरमाई राजधानी की सियासत
शालीमार बाग में हुई इस बुलडोजर कार्रवाई पर दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल (LG) प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि विकास और अतिक्रमण हटाने के नाम पर चुनिंदा बस्तियों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे गरीब और वंचित तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
वहीं, सत्तापक्ष से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि यह किसी धर्म विशेष के खिलाफ उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि न्यायालयों और विकास परियोजनाओं के निर्देशों के तहत सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की एक सामान्य वैधानिक प्रक्रिया है। भाजपा नेताओं का तर्क है कि दिल्ली के नियोजित विकास और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई अनिवार्य है और इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शांति बनाए रखने की अपील
कार्रवाई पूरी होने के बाद भी एहतियात के तौर पर शालीमार बाग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती बरकरार रखी गई है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय अमन कमेटियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक कर अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
What's Your Reaction?