Gorakhpur News: सपा पर बरसे सीएम योगी, बोले- 2017 से पहले था 'देख सपाई, बिटिया घबराई' का माहौल; अब भयमुक्त हुआ यूपी

गोरखपुर के चरगांवा में नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करते हुए सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर तीखा हमला बोला और कानून व्यवस्था में सुधार गिनाए।

By INA News Desk
Sep 23, 2026 - 19:49
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Gorakhpur News: सपा पर बरसे सीएम योगी, बोले- 2017 से पहले था 'देख सपाई, बिटिया घबराई' का माहौल; अब भयमुक्त हुआ यूपी

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर के चरगांवा में महिला कल्याण विभाग द्वारा नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय के आधुनिक भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में अपराध और अराजकता का ऐसा बोलबाला था कि आम जनता के बीच ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की कहावत आम हो गई थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में सत्ता संरक्षित तत्वों के भय से अभिभावक बेटियों को स्कूल-कॉलेज भेजने से कतराते थे, लेकिन पिछले सात वर्षों में राज्य सरकार की सख्त नीतियों के चलते प्रदेश दंगा, कर्फ्यू, संगठित गुंडागर्दी और अवैध कब्जों से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।

चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत से बने 100 महिलाओं की आवासीय क्षमता वाले इस शरणालय का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा अथवा संकटपूर्ण सामाजिक परिस्थितियों के कारण बेसहारा होने वाली किसी भी बहन-बेटी को अब दर-दर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। यह केंद्र ऐसी महिलाओं को सुरक्षित आवास, कानूनी परामर्श, चिकित्सा और सम्मानजनक पुनर्वास की पूरी सुविधा उपलब्ध कराएगा।

'आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम नौकरियां बांटते नहीं थकेंगे'

विपक्ष द्वारा बेरोजगारी के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों और औद्योगिक निवेश के आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 'मिशन रोजगार' के तहत अब तक 9.5 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव, रिश्वतखोरी और पक्षपात के पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी है।

उन्होंने सपा पर सीधा तंज कसते हुए कहा कि विरोधी दल नियुक्तियों की संख्या गिनते-गिनते थक जाएंगे, परंतु सरकार युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी रोजगार देने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में स्थापित 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, जिसमें बड़ी संख्या में महिला उद्यमी शामिल हैं। इसके अलावा 24 हजार से अधिक स्टार्टअप्स के साथ प्रदेश का युवा अब स्वयं रोजगार सृजक के रूप में उभर रहा है।

जन्म से लेकर स्वावलंबन तक बेटियों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य आधी आबादी को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन दिए बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार की प्रमुख महिला कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया:

  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: बालिका के जन्म से लेकर स्नातक तक की शिक्षा के लिए ₹25,000 की वित्तीय सहायता।

  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: गरीब परिवारों की कन्याओं के विवाह हेतु ₹1,00,000 की आर्थिक व्यवस्था।

  • बुनियादी शिक्षा सहयोग: बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ विद्यार्थियों को मुफ्त यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, पुस्तकें, जूते-मोजे और स्वेटर की आपूर्ति।

  • सामाजिक पेंशन व आवास: 1.10 करोड़ पात्र परिवारों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन और 65 लाख गरीबों को पक्के आवास की सुविधा।

उन्होंने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) सखी के रूप में ग्रामीण महिलाएं वित्तीय स्वावलंबन की नई इबारत लिख रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से विधायी संस्थाओं में भी महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

इंसेफेलाइटिस के खात्मे और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की चर्चा

पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पूर्व अकेले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हर वर्ष जापानी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) से लगभग 500 मासूम बच्चों की असमय मृत्यु हो जाती थी। सुनियोजित स्वास्थ्य अभियानों और स्वच्छता प्रबंधन के दम पर आज यह मौतों का आंकड़ा शून्य के स्तर पर पहुंच चुका है। इसके साथ ही उन्होंने गोरखपुर और पूर्वांचल में फोर-लेन सड़कों, बेहतर रेल नेटवर्क और हवाई सेवाओं के विस्तार का हवाला देते हुए बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी के चलते गोरखपुर से वाराणसी की सड़क यात्रा अब मात्र ढाई घंटे में पूरी हो रही है।

बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप वितरण और परिसर का निरीक्षण

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री बाल सेवा (कोविड) योजना' के अंतर्गत कोरोना काल में माता-पिता को खोने वाले निराश्रित छात्र-छात्राओं—अक्षिता गुप्ता, पलक चौहान, दीपिका, प्रियांशी यादव, उमरा अंजुम, आयुषी यादव, सुधीर कुमार, प्रियांशु यादव, अनीश कुमार सिंह और रुद्र प्रताप रंजन—को उच्च शिक्षा में सहायता के लिए अपने हाथों से लैपटॉप वितरित किए।

लोकार्पण के पश्चात मुख्यमंत्री ने शरणालय परिसर में पौधरोपण किया और 10 डारमेट्री, 4 अध्ययन कक्ष, क्रेच रूम, मेडिकल रूम और डाइनिंग हॉल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि संवासियों के भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य की देखभाल में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने 14.87 करोड़ रुपये की लागत से समीप ही निर्माणाधीन 100 क्षमता वाले राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी स्थलीय जायजा लिया।

इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ला, कुशीनगर सांसद विजय दूबे, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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