Deoband : मोहर्रम के जुलूसों को लेकर जारी अपील का देवबंदी उलमा ने किया समर्थन, ताजियों की ऊँचाई सीमित रखने और डीजे न बजाने की सलाह
मुफ्ती असद कासमी ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ताजियों और अलमों की ऊँचाई को दस फीट तक ही सीमित रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने जुलूसों में डीजे और लाउडस्पीकर के तेज इस्तेमाल से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस्लाम धर्म में नाच-गा
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी द्वारा मोहर्रम के जुलूसों के संबंध में की गई अपील का देवबंदी उलमा ने पूरी तरह समर्थन किया है। इत्तेहाद उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि मोहर्रम के सभी जुलूस पूरी शांति, सौहार्द और धार्मिक मर्यादा के साथ निकाले जाने चाहिए।
मुफ्ती असद कासमी ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ताजियों और अलमों की ऊँचाई को दस फीट तक ही सीमित रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने जुलूसों में डीजे और लाउडस्पीकर के तेज इस्तेमाल से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इस्लाम धर्म में नाच-गाने और संगीत को सही नहीं माना गया है, इसलिए मोहर्रम जैसे गंभीर और धार्मिक अवसर पर डीजे बजाने से हर हाल में परहेज करना चाहिए। सभी की यह जिम्मेदारी है कि वे इस धार्मिक आयोजन की पवित्रता को बनाए रखें।
उन्होंने आगे कहा कि गलियों और मोहल्लों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ताजियों की ऊँचाई कम रखना ही अक्लमंदी है। कई जगहों पर बिजली के तार काफी नीचे लटके होते हैं। ऐसे में अगर ताजिए ज्यादा ऊँचे होंगे, तो उनके तारों से टकराने का डर रहता है। इससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है और जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए दुर्घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन द्वारा तय की गई सीमा का पालन करना जरूरी है। उन्होंने सभी लोगों से राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए नियमों व दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की बात कही है।
Also Click : Saharanpur : सहारनपुर में गौकशी के आरोप में छह लोग गिरफ्तार, दो पिकअप गाड़ियाँ और ग्यारह गोवंश मिले
What's Your Reaction?




