Sambhal : गौशालाओं पर करोड़ों खर्च, फिर भी सड़कों पर आवारा पशु; सरकार की नीति पूरी तरह फेल - जियाउर्रहमान बर्क
बर्क ने कहा कि किसी मंत्री को पत्र लिखने का मतलब राजनीतिक समझौता नहीं होता, बल्कि जनता के हितों के लिए हर संभव प्रयास करना जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। उन्होंने समाजवादी पार्टी की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि पूरा संगठ
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल से समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ नेताओं के बयान राजनीति में गंभीरता से नहीं लिए जाते, क्योंकि उनके बयान समय और राजनीतिक लाभ के अनुसार बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को उठाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और क्षेत्र के विकास के लिए वे केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियों को लगातार पत्र लिखते रहते हैं।
बर्क ने कहा कि किसी मंत्री को पत्र लिखने का मतलब राजनीतिक समझौता नहीं होता, बल्कि जनता के हितों के लिए हर संभव प्रयास करना जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। उन्होंने समाजवादी पार्टी की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि पूरा संगठन मजबूती के साथ आगामी चुनाव लड़ेगा और जनता के भरोसे जीत हासिल करेगा। वहीं उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या पर बोलते हुए सांसद बर्क ने सरकार को घेर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार गौशालाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन सड़कों पर आवारा पशुओं की संख्या कम नहीं हो रही है। बर्क ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि वे गौशालाओं का दौरा करें और वहां पशुओं की वास्तविक स्थिति देखें। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गौशालाओं में पशुओं के खाने-पीने की व्यवस्था बेहद खराब है, जिसके कारण उनकी हालत दयनीय हो चुकी है। सपा सांसद ने कहा कि सरकार की नीति और रणनीति दोनों विफल साबित हुई हैं। न तो गौशालाओं में पशु सुरक्षित हैं और न ही सड़कों पर घूम रहे पशुओं से आम जनता सुरक्षित है। उन्होंने इसे सरकार की बड़ी नाकामी बताते हुए पशु संरक्षण और जन सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े किए।
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