देवबंद में नई जेल निर्माण का रास्ता साफ: सर्किल रेट के चार गुना मुआवजे पर राजी हुए तीन गांवों के किसान
देवबंद में नवीन जेल निर्माण के लिए डंघेड़ा, नंदपुर और लाखनौर के किसानों ने सर्किल रेट के चार गुना मुआवजे पर सहमति दी। एसडीएम को पत्र सौंपकर प्रक्रिया शुरू करने की मांग।
देवबंद। तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित नवीन कारागार के निर्माण की दिशा में एक बड़ा गतिरोध समाप्त हो गया है। ग्राम डंघेड़ा, नंदपुर और लाखनौर के किसानों ने परियोजना के लिए अपनी कृषि भूमि निर्धारित सर्किल रेट के चार गुना मुआवजे पर शासन को सौंपने पर पूर्ण सहमति व्यक्त की है। इस संबंध में तीनों गांवों के भूस्वामियों के प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक संयुक्त सहमति पत्र सौंपा और जमीन के विधिवत बैनामे की प्रक्रिया शीघ्रता से प्रारंभ कराने की मांग रखी।
किसानों ने अपने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि प्रशासनिक सर्वेक्षण के उपरांत नवीन कारागार की स्थापना के लिए डंघेड़ा, नंदपुर और लाखनौर गांवों के काश्तकारों की भूमि को चिन्हित किया गया था, जिसे शासन स्तर से भी औपचारिक अनुमोदन मिल चुका है। किसानों का कहना है कि वे जनहित और विकास कार्यों के दृष्टिगत अपनी भूमि का हस्तांतरण सर्किल रेट के चार गुना दर पर स्वेच्छा से करने को पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें इस अधिग्रहण पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने उप जिलाधिकारी से आग्रह किया कि मुआवजे के भुगतान और भूमि पंजीकरण की अग्रिम वैधानिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए।
उप जिलाधिकारी विजय कुमार ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि किसानों की सहमति शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि भूमि के क्रय और रजिस्ट्रीकरण के संबंध में सक्षम उच्चाधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है और शासन से दिशा-निर्देश मिलते ही नियमानुसार बैनामे की कार्रवाई तुरंत शुरू करा दी जाएगी। इस मौके पर अंकित कुमार, सुशीला, सुनील, मधु कौशिक, शौकत अली, विजयपाल, राजकुमार, रीता देवी, प्रवीण त्यागी, रेखा और मांगेराम सहित बड़ी संख्या में संबंधित गांवों के किसान उपस्थित रहे।
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