Gold Smuggling: भारत-बांग्लादेश सीमा पर DRI और BSF का बड़ा एक्शन, 17 करोड़ का 12 किलो विदेशी सोना जब्त
भारत-बांग्लादेश सीमा और पटना में डीआरआई व बीएसएफ के संयुक्त ऑपरेशन में 17 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 12 किलो विदेशी सोना जब्त किया गया। एक तस्कर गिरफ्तार।
- Indo-Bangla Border Gold Seizure: नल के पास छिपाए थे सोने के बिस्कुट, ट्रेन में पकड़ा गया तस्कर; 17 करोड़ का सोना बरामद
- सोना तस्करी का सिंडिकेट बेनकाब: पश्चिम बंगाल से पटना तक डीआरआई-बीएसएफ का संयुक्त अभियान, 12 किलो गोल्ड पकड़ाया
- India Bangladesh Border Gold Smuggling: बांग्लादेश रूट से आ रही थी 17 करोड़ की सोने की खेप, सीमा सुरक्षा बल और DRI ने दबोचा
नई दिल्ली/कोलकाता। सीमा पार से होने वाली सोने की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने एक साझा अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाकों और बिहार के पटना में चलाए गए सिलसिलेवार अभियानों के दौरान लगभग 12 किलोग्राम विदेशी मूल का तस्करी का सोना बरामद कर जब्त किया गया है। जब्त किए गए इस सोने का कुल अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 17 करोड़ रुपये आंका गया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई ने बांग्लादेश के रास्ते भारत में अवैध रूप से सोना पहुंचाने वाले एक संगठित सिंडिकेट के कई अहम पड़ावों को बेनकाब किया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे विभिन्न सीमा चौकियों (बीओपी) और बिहार की राजधानी पटना में एक ट्रेन यात्री की तलाशी के दौरान की गई। इस पूरे नेटवर्क में शामिल तस्करों ने सोने को छिपाने के लिए सीमावर्ती गांवों के हैंडपंप से लेकर शरीर के अंगों पर मेडिकल नी-कैप (घुटने की पट्टी) तक का सहारा लिया था। इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार कर सीमा शुल्क अधिनियम (कस्टम्स एक्ट), 1962 की धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- सीमा चौकियों पर अलग-अलग चरणों में हुई बरामदगी
वित्त मंत्रालय और डीआरआई की ओर से साझा किए गए विवरण के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सीमा पर तैनात बीएसएफ की 161वीं वाहिनी के जवानों ने गश्त के दौरान लावारिस हालत में पड़ा विदेशी सोना बरामद किया। पहली कार्रवाई 20 और 21 सितंबर के दौरान बीओपी गोंगरा इलाके में भारत-बांग्लादेश सीमा सड़क के पास की गई, जहां से 27 टुकड़े विदेशी मूल का सोना मिला, जिसका कुल वजन करीब 3.15 किलोग्राम था। इसके बाद डीआरआई ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत इसे औपचारिक रूप से अपने कब्जे में लेकर जब्ती की प्रक्रिया पूरी की।
इसी क्रम में 21 सितंबर को बीएसएफ की 161वीं बटालियन ने बीओपी महाखोला क्षेत्र में दूसरी बड़ी सफलता हासिल की। जवानों को हाथखोला गांव में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाड़ से आगे एक हैंडपंप के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी। मौके पर तलाशी लेने पर नल के नीचे छिपाकर रखे गए 24 कैरेट विदेशी सोने के 10 टुकड़े बरामद किए गए, जिनका वजन लगभग 1.16 किलोग्राम था। डीआरआई ने सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 110 के तहत इस खेप को जब्त किया। इससे पहले 10 और 11 सितंबर के दौरान भी इसी इलाके के बीओपी पाथरघाटा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बाड़ के नजदीक बीएसएफ ने 48 सोने की छड़ें (बार) बरामद की थीं, जिनका वजन 5.9 किलोग्राम था। इस खेप को भी डीआरआई ने अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया था।
- पटना में ट्रेन यात्री से 1.71 किलो सोना पकड़ाया, नी-कैप में छिपा रखी थीं छड़ें
इस सिंडिकेट के घरेलू परिवहन नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए डीआरआई के अधिकारियों ने पटना रेलवे स्टेशन पर एक यात्री को हिरासत में लिया। खुफिया सूचना के आधार पर पकड़े गए इस यात्री की जब व्यक्तिगत तलाशी ली गई, तो उसने अपने दोनों पैरों के घुटनों पर कपड़े की नी-कैप बांध रखी थी। अधिकारियों ने जब नी-कैप को खोला, तो उसके भीतर से 15 विदेशी सोने के बिस्कुट/बार और 4 छोटे कटे हुए टुकड़े बरामद हुए। इस सोने का कुल वजन 1.71 किलोग्राम दर्ज किया गया। प्राथमिक जांच और पूछताछ से यह स्पष्ट हुआ कि यह खेप बांग्लादेश सीमा से अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल कराई गई थी और इसे देश के अन्य हिस्सों में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था। डीआरआई ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे तस्करी नेटवर्क के वित्तीय लिंक को लेकर पूछताछ की जा रही है।
- क्यों बढ़ रही है बांग्लादेश सीमा से तस्करी?
भारत में सोने पर लगने वाले सीमा शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) और स्थानीय बाजार में बढ़ती मांग के कारण तस्कर पड़ोसी देशों के जरिए अवैध मार्ग तलाशते हैं। बांग्लादेश से लगती पश्चिम बंगाल की सीमा का एक बड़ा हिस्सा नदी, दलदली भूमि और घनी आबादी वाले गांवों से घिरा हुआ है, जहां कंटीले तारों की बाड़ के आर-पार तस्कर छिपकर पैकेट फेंकने या कूरियर के जरिए माल पहुंचाने की फिराक में रहते हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह स्थानीय ग्रामीणों या छोटे कूरियरों को कुछ रुपयों का लालच देकर सीमा पार से डिलीवरी कराते हैं। इसके बाद इन खेपों को रेल नेटवर्क या सड़क मार्ग से देश के बड़े आभूषण बाजारों जैसे कोलकाता, पटना, वाराणसी और दिल्ली भेजा जाता है।
- नेटवर्क के सरगनाओं की तलाश जारी
डीआरआई और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी एक व्यक्ति या घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों एजेंसियों के बेहतर समन्वय का परिणाम है। जब्त किए गए सोने के विदेशी मार्किंग और सीरियल नंबरों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सोना मूल रूप से किस खाड़ी देश या अंतरराष्ट्रीय रिफाइनरी से निकला था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस सिंडिकेट के उस गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं जो सीमावर्ती इलाकों से सोना एकत्र कर बड़े शहरों के सर्राफा कारोबारियों तक सप्लाई करता था। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कुछ अन्य लोगों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है।
What's Your Reaction?