Delhi IGI Airport: काबुल जा रहे अफगान नागरिक के हैंड बैग से चंदन के 11 जार बरामद, सीआईएसएफ ने पकड़कर कस्टम को सौंपा
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर सीआईएसएफ ने काबुल जा रहे अफगान यात्री के हैंड बैग से 11 जार चंदन बरामद कर उसे पकड़ा और सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया।
- IGI Airport T3 News: दिल्ली एयरपोर्ट पर चंदन तस्करी की कोशिश नाकाम, फ्लाइट से उतारा गया अफगान यात्री
- दिल्ली एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की बड़ी कार्रवाई: बैग स्कैनिंग में पकड़ा गया प्रतिबंधित चंदन, जांच में जुटा सीमा शुल्क विभाग
- Sandalwood Smuggling Thwarted: आईजीआई टर्मिनल-3 पर पकड़ा गया विदेशी नागरिक, हैंड बैगेज में छिपाकर ले जा रहा था 11 डिब्बे चंदन
नई दिल्ली। राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने एक विदेशी नागरिक के पास से भारी मात्रा में चंदन बरामद कर तस्करी के एक संदिग्ध प्रयास को विफल कर दिया है। सुरक्षा बलों ने टर्मिनल-3 के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र से काबुल की उड़ान पकड़ने जा रहे एक अफगान नागरिक को हिरासत में लिया। यात्री के हैंड बैगेज की नियमित एक्स-रे जांच के दौरान पारदर्शी जारों में भरा हुआ कीमती चंदन पकड़ा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसी ने यात्री को विमान से नीचे उतरवाया (ऑफलोड कराया) और जब्त सामग्री सहित आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग को सौंप दिया। यह घटना टर्मिनल-3 के इंटरनेशनल सिक्योरिटी होल्ड एरिया (एसएचए) में प्री-एम्बार्कशन सुरक्षा जांच के दौरान घटित हुई। सीआईएसएफ के अधिकारियों के अनुसार, यह यात्री काम एयर (Kam Air) की उड़ान संख्या आरक्यू-4402 (RQ4402) से दिल्ली से काबुल जाने की तैयारी में था। जब यात्री सुरक्षा घेरे में दाखिल हुआ और उसका हैंड बैगेज एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) से गुजरा, तो स्क्रीन की निगरानी कर रहे सतर्क सुरक्षाकर्मियों को बैग के भीतर कुछ असामान्य और संदिग्ध आकृतियां नजर आईं।
- एक्स-रे स्कैनिंग में खुला राज, बैग से निकले 11 पारदर्शी जार
स्क्रीन पर संदिग्ध छवि दिखाई देने के बाद तैनात कर्मियों ने बैग को भौतिक सत्यापन (फिजिकल चेकिंग) के लिए अलग रखवाया। यात्री की मौजूदगी में जब बैग की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से कुल 11 प्लास्टिक के पारदर्शी कंटेनर (जार) बरामद हुए। इन कंटेनरों को खोलने पर उनमें कटी हुई चंदन की मोटी छड़ें और टुकड़े ठूंस-ठूंस कर भरे हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान यात्री इन वन उत्पादों को विदेश ले जाने से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज, खरीद की रसीद या प्राधिकृत निकाय से जारी निर्यात अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क किया गया।
- कस्टम विभाग को सौंपा मामला, विमान से उतारा गया यात्री
हैंड बैगेज में अनधिकृत रूप से प्रतिबंधित वन सामग्री मिलने की पुष्टि होते ही सीआईएसएफ ने तुरंत एयरपोर्ट पर मौजूद सीमा शुल्क विभाग से संपर्क किया। सूचना मिलते ही कस्टम विभाग के अधीक्षक अपनी टीम के साथ सुरक्षा जांच स्थल पर पहुंचे। उड़ान के प्रस्थान का समय नजदीक होने के कारण संबंधित एयरलाइन को सूचित किया गया और दोपहर में यात्री को कानूनी प्रक्रियाओं के अनुपालन के लिए विमान से औपचारिक रूप से ऑफलोड कर दिया गया। इसके बाद सीआईएसएफ ने जब्त किए गए सभी 11 जार और संबंधित विदेशी नागरिक को अग्रिम वैधानिक जांच व जब्ती ज्ञापन (पंचनामा) तैयार करने के लिए सीमा शुल्क अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।
- भारत में चंदन के निर्यात पर क्या हैं नियम?
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा विदेश व्यापार (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1992 के तहत अधिसूचित राष्ट्रीय निर्यात नीति के अंतर्गत चंदन के किसी भी रूप में अनधिकृत वाणिज्यिक निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं।
कच्ची लकड़ी, लॉग्स, छड़ या अनप्रोसेस्ड रूप में चंदन को देश से बाहर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
केवल कुछ विशेष प्रकार के अंतिम निर्मित उत्पादों (जैसे हस्तशिल्प या विशेष रूप से लाइसेंस प्राप्त उत्पाद) को ही निर्धारित शर्तों और पूर्व अनुमति के आधार पर सीमित रूप से ले जाने की छूट होती है।
बिना उचित मंजूरी, सीआईटीईएस (CITES) अनापत्ति और वैधानिक लाइसेंस के इतनी बड़ी मात्रा में चंदन को व्यक्तिगत सामान में छिपाकर ले जाना सीमा शुल्क अधिनियम और वन कानूनों के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
- सीमा शुल्क विभाग कर रहा है पड़ताल
सीमा शुल्क विभाग की टीमें अब इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि यात्री को चंदन की यह खेप भारत में किस स्रोत से मिली थी। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की कड़ी है, जो राष्ट्रीय राजधानी के जरिए महंगी सुगंधित लकड़ी को मध्य पूर्व और मध्य एशियाई देशों में अवैध रूप से भेजने का प्रयास कर रहा था। बरामद की गई लकड़ी का सटीक वजन कराने के साथ-साथ उसकी वास्तविक प्रजाति और वाणिज्यिक मूल्य का आकलन करने के लिए वन विभाग के विशेषज्ञों से तकनीकी प्रमाणीकरण कराने की प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन रिपोर्ट और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर सीमा शुल्क अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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