Yamuna Expressway Bus Fire: ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा, 9 यात्रियों की मौत; सीएम योगी ने किया 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख व घायलों को 50 हजार की मदद दी।
- Greater Noida News: यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में भीषण आग, यूपी सरकार देगी मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद
- ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत, सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख, मुआवजे और मुफ्त इलाज के निर्देश
- Greater Noida Bus Fire Update: यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस बनी आग का गोला, मृतकों के आश्रितों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार सहायता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक बड़ा और हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है, जहां यात्रियों से भरी एक निजी स्लीपर (डबल डेकर) बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरी बस लपटों के घेरे में आ गई। इस भीषण अग्निकांड में बस में सवार 9 यात्रियों की झुलसने और दम घुटने के कारण मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है और राज्य सरकार की ओर से पीड़ितों के लिए आर्थिक मुआवजे की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और गंभीर रूप से घायल हुए यात्रियों को 50-50 हजार रुपये की राहत राशि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी घायलों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा बिना किसी रुकावट के उपलब्ध कराई जाए।
- कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बस (पंजीकरण संख्या BR32PA8647) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई थी। देर रात जब वाहन ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे पर 33वें किलोमीटर के माइलस्टोन के नजदीक पहुंचा, तभी बस के पिछले हिस्से और एयर कंडीशनिंग (AC) यूनिट की तरफ से अचानक धुआं और चिंगारी उठने लगी। चालक जब तक स्थिति को समझकर वाहन को एक्सप्रेसवे के किनारे रोकता, तब तक आग ने बस के आंतरिक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक तकनीकी जांच से संकेत मिला है कि बस के एसी सिस्टम में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी ब्लास्ट हुआ, जिसने इंजन और लुब्रिकेटिंग ऑयल को अपनी चपेट में ले लिया और आग तेजी से पूरी बस में फैल गई।
- चीख-पुकार के बीच खिड़कियों से कूदे यात्री, कई फंसे
हादसे के वक्त अधिकांश यात्री अपनी-अपनी बर्थ और सीटों पर गहरी नींद में सो रहे थे। धुएं और आग की तेज लपटों के कारण बस के भीतर भगदड़ मच गई। मुख्य प्रवेश द्वार और संकरा गलियारा आग की लपटों से घिर जाने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं मिल सका। अपनी जान बचाने के लिए कई यात्रियों ने आपातकालीन खिड़कियों के शीशे तोड़े और चलती-रुकती बस से नीचे छलांग लगा दी। कूदने के कारण कई यात्रियों को हाथ-पैर में फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटें आईं। हालांकि, जो यात्री आग के केंद्र के बेहद करीब थे या गहरी नींद में होने के कारण समय रहते हरकत में नहीं आ सके, वे अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, एक्सप्रेसवे गश्ती दल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में चार फायर टेंडर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने पानी और फोम की बौछारों के जरिए भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान राहत कर्मियों ने 20 से 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग पूरी तरह शांत होने के बाद जब टीम बस के अंदर दाखिल हुई, तब 9 यात्रियों के शव बरामद किए गए। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और शिनाख्त की प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। घायलों को जेवर और ग्रेटर नोएडा के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
- मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश और प्रशासनिक जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर राहत कार्यों की निगरानी करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च शासन वहन करेगा और परिजनों को हर संभव सहायता दी जाएगी। इधर, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या बस के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और परमिट था, तथा क्या वाहन में मानक के अनुरूप अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) और आपातकालीन निकास गेट चालू स्थिति में मौजूद थे या नहीं।
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