Greater Noida Accident: पंचशील ग्रीन-2 सोसाइटी में तेज रफ्तार कार ने 5 बच्चों को रौंदा, एक की हालत गंभीर
ग्रेटर नोएडा की पंचशील ग्रीन-टू सोसाइटी में एक कार सवार महिला ने 5 बच्चों को रौंद दिया। हादसे में एक बच्चे की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पुलिस जांच में जुटी।
- ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: Panchsheel Greens 2 में महिला ड्राइवर ने बच्चों को मारी टक्कर, मची अफरा-तफरी
- ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में खौफनाक हादसा, कार सवार महिला ने पांच बच्चों को कुचला; परिजनों में भारी आक्रोश
- ग्रेटर नोएडा से बड़ी खबर: पंचशील ग्रीन-टू सोसाइटी में कार ने 5 बच्चों को रौंदा, एक बच्चा गंभीर रूप से घायल
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थित पंचशील ग्रीन-टू (Panchsheel Greens 2) आवासीय सोसाइटी के अंदर बुधवार को एक तेज रफ्तार कार ने खेल रहे पांच बच्चों को बुरी तरह रौंद दिया। कार को कथित तौर पर एक महिला चला रही थी, जो नियंत्रण खो बैठी। इस भयानक हादसे में सभी बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें से एक बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। इस हादसे के बाद सोसाइटी परिसर में सुरक्षा और वाहनों की गति सीमा को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है, वहीं सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मामले की कानूनी तफ्तीश में जुट गई है।
महानगरों की हाईराइज सोसायटियों के भीतर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील ग्रीन-टू सोसाइटी के कॉमन एरिया (पार्किंग/वॉकिंग ट्रैक के पास) में बुधवार को रोज की तरह कुछ बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान सोसाइटी के भीतर ही रहने वाली एक महिला अपनी कार लेकर निकली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की गति परिसर के नियमों के मुताबिक काफी अधिक थी। मोड़ पर नियंत्रण खोने के कारण कार सीधे बच्चों के झुंड पर चढ़ गई। इस टक्कर की चपेट में आने से पांच मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिसर में चीख-पुकार मचने के बाद सुरक्षा गार्ड और निवासियों ने मिलकर बच्चों को बचाया।
बुधवार की इस घटना ने पूरी सोसाइटी को झकझोर कर रख दिया है। दोपहर के वक्त जब बच्चे परिसर के सुरक्षित माने जाने वाले हिस्से में मौजूद थे, तभी अचानक एक अनियंत्रित कार उनकी तरफ आई। कार चला रही महिला संभवतः ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबा बैठी या मोड़ पर रफ्तार का अंदाजा नहीं लगा सकी। कार की रफ्तार इतनी थी कि बच्चों को संभलने का मौका ही नहीं मिला और वे एक के बाद एक गाड़ी की चपेट में आ गए।
टक्कर लगते ही तीन बच्चे छिटककर दूर गिरे, जबकि दो बच्चे गाड़ी के निचले हिस्से की चपेट में आने से गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना के तुरंत बाद आरोपी महिला कार छोड़कर पैनिक की स्थिति में आ गई। सोसाइटी के लोगों ने बिना वक्त गंवाए निजी वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से सभी घायल बच्चों को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल के आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, चार बच्चों को आंशिक फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटें आई हैं, लेकिन एक बच्चे के सिर और छाती में गंभीर चोट होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस हादसे के बाद पंचशील ग्रीन-टू सोसाइटी के निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पीड़ित बच्चों के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने मुख्य गेट पर एकत्र होकर बिल्डर प्रबंधन और सुरक्षा टीम के खिलाफ नारेबाजी की। निवासियों का आरोप है कि सोसायटियों के अंदर गाड़ियों की रफ्तार पर नजर रखने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
स्थानीय बिसरख थाना पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, "सोसाइटी में कार से बच्चों को टक्कर लगने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर और अस्पताल भेजी गई है। गाड़ी को कब्जे में ले लिया गया है। परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत मिलने के बाद कानून के मुताबिक सख्त धारावाहिक कार्रवाई की जाएगी। महिला चालक से भी पूछताछ की जा रही है।" समाचार लिखे जाने तक आरोपी महिला को दोषी साबित नहीं किया गया है और पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने दिल्ली-एनसीआर की तमाम हाईराइज सोसायटियों के आंतरिक प्रबंधन पर गहरा प्रभाव डाला है:
आंतरिक सुरक्षा पर सवाल: इस घटना ने सिद्ध कर दिया है कि सोसायटियों के अंदर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, जहाँ लोग अपने बच्चों को बेफिक्र होकर खेलने भेजते हैं।
गति सीमा का उल्लंघन: आरडब्ल्यूए (RWA) और निवासियों के बीच सोसायटियों के अंदर 'स्पीड लिमिट' (आमतौर पर 10-15 किमी/घंटा) को सख्ती से लागू करने की मांग तेज हो गई है।
निवासियों में तनाव: पंचशील ग्रीन-टू के निवासियों में डर और असुरक्षा का माहौल है, जिसके कारण शाम को बच्चों का बाहर निकलना अस्थाई रूप से कम हो गया है।
पुलिस वर्तमान में सोसाइटी के परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों और कार की वास्तविक रफ्तार का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही, स्थानीय अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) ने आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें सोसाइटी के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश, स्पीड ब्रेकरों की संख्या बढ़ाने और रैंप एरिया में बच्चों के खेलने पर पाबंदी लगाने जैसे कड़े सुरक्षा नियम तय किए जा सकते हैं। घायल बच्चों की रिकवरी पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
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